मस्त विचार 1446
जलो वहां, जहाँ जरुरत हो.
उजालों में चिरागों के मायने नहीं होते.
उजालों में चिरागों के मायने नहीं होते.
चुटकियाँ बजा के वो बोले…ऐसे, ऐसे, ऐसे…
और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया है कि दुनिया कैसी है.
मेरी तलाश का भी तो, ज़रिया बदल गया..
ना शक्ल ही बदली, न ही बदला मेरा किरदार.
बस लोगों के देखने का नज़रिया बदल गया..
हम जिस दीये के दम पे बगावत पे उतर आये.,
सोहबत मे अँधेरे के, वो दिया बदल गया..
ईमान, अदब, इल्म, हया, कुछ भी नहीँ कायम.,
मत पूछिये इस दौर मे क्या क्या बदल गया..
हमारे पास तो केवल आज है, चलो शुरुआत करते हैं.
_ सामान्य जीवन का एक बड़ा हिस्सा होने से कहीं अधिक मूल्यवान है.