मस्त विचार 1444

मेरे अच्छे वक्त ने दुनिया को बताया कि मैं कैसा हूँ

और मेरे बुरे वक्त ने मुझे बताया है कि दुनिया कैसी है.

मस्त विचार 1443

कश्ती है पुरानी, मगर दरिया बदल गया.

मेरी तलाश का भी तो, ज़रिया बदल गया..

ना शक्ल ही बदली, न ही बदला मेरा किरदार.

बस लोगों के देखने का नज़रिया बदल गया..

हम जिस दीये के दम पे बगावत पे उतर आये.,

सोहबत मे अँधेरे के, वो दिया बदल गया..

ईमान, अदब, इल्म, हया, कुछ भी नहीँ कायम.,

मत पूछिये इस दौर मे क्या क्या बदल गया..

मस्त विचार 1441

गौरवशाली जीवन का एक क्षण _

_ सामान्य जीवन का एक बड़ा हिस्सा होने से कहीं अधिक मूल्यवान है.

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