मस्त विचार 1313
ठोकरें नसीब की जो खाकर भी मुस्कुराए,
एक रोज बढ़ के मंजिल उसको गले से लगाए.
एक रोज बढ़ के मंजिल उसको गले से लगाए.
जीनी है जिंदगी को तो आगे देखो.
क्योंकि सही समय कभी नहीं आता.
जब जीवन में रास्ता न दिखाई दे रहा हो तो
बहुत दूर तक देखने की कोशिश व्यर्थ है
एक एक कदम चलते चलो, रास्ता खुलता जाएगा.
जिसे आपके झूठ पर भी भरोसा हो.