मस्त विचार 276

ताश के पत्तों से ताज महल नहीं बनता;

नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता;

लड़ते रहो ज़िन्दगी से हर पल;

क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!

मस्त विचार 275

अगर आप अपनी दृष्टि में स्वयं को ऊँचा देखना चाहते हो तो,

ऊँचाई की बात सोचना शुरू कर दीजिए.

मस्त विचार 274

फ़ितरत -ए- इंसान में जब मोहब्बत कम पड़ जाए……

फिर चाह के भी अपनों के लिए वक़्त नहीं मिलता………

मस्त विचार 273

लोग रूप देखते हैं; हम दिल देखते हैं;

लोग सपना देखते हैं; हम हक़ीकत देखते हैं;

बस फर्क इतना है कि;

लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं; हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं…।।।

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