मस्त विचार 276
ताश के पत्तों से ताज महल नहीं बनता;
नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता;
लड़ते रहो ज़िन्दगी से हर पल;
क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!
नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता;
लड़ते रहो ज़िन्दगी से हर पल;
क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!
ऊँचाई की बात सोचना शुरू कर दीजिए.
फिर चाह के भी अपनों के लिए वक़्त नहीं मिलता………
लोग सपना देखते हैं; हम हक़ीकत देखते हैं;
बस फर्क इतना है कि;
लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं; हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं…।।।
पर तू तकलीफ से गुजरे, ये हमें गवारा नहीं.
डरा सकती नही डूबे हुओं की दास्तां मुझको…..