मस्त विचार 044

ऐ यार, अब तो फासले मिटा दे,

नामुमकिन को मुमकिन बना दे,

तुम से ही एक रिश्ता है यारी का,

इन्तजार की घड़ियां मिटा दे.

मस्त विचार 042

फूल बन कर क्या जीना.

एक दिन मुरझा जाओगे, और दफ़ना दिए जाओगे.

जीना है तो पत्थर बन के जीओ.

कभी तराशे गए तो, हीरा कहलाओगे.

मस्त विचार 041

मुझे मालूम है तुम्हे पता है

मुझे अब अच्छा लगने लगा है

अपने ही भीतर खो जाना

क्योंकि वहाँ तुम चले आते हो हर बार.

मस्त विचार 040

मुझे भा गया है, तेरे पास आना.

तू मिल गया मुझे, मिल गया ठिकाना.

ऐ यार, तुम कहीं बदल न जाना.

मेरी ये दुनिया, आबाद है तुम्ही से.

आबाद मेरी दुनिया, बरबाद न बनाना.

मुझे भा गया है, तेरे पास आना.

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