मस्त विचार 037

तेरी नेकी का लिबास ही तेरा बदन ढकेगा ऐ बन्दे..

सुना है ऊपरवाले के घर में कपडे कि कोई दूकान नहीं है…

 

मस्त विचार 036

अगर मै मनचाहा रूप लेने में सछम होता,

तो तुम्हारे आंसू बन जाता

जो तुम्हारे गालों पर जीता और होठों पर मर जाता.

मस्त विचार 035

अच्छे लोगों का हमारी ज़िन्दगी में आना हमारी किस्मत होती है

और उन्हें सम्भाल कर रखना हमारा हुनर …….

मस्त विचार 034

मैंने आज तक ख़ुदा को नहीं देखा है ,

लेकिन मैंने उन लोगों में उसे पाय़ा है ,

जिन्होंने मेरा तब साथ दिया ,

जब बाकि सारी दुनिया ने मेरा साथ नहीं दिया .

मस्त विचार 033

कहीं तुम यहीं तो नहीं.

आज का दिन खुशनुमा लग रहा है.

कहीं तुम आस पास तो नहीं.

महक उठा हूँ मैं.

कहीं यह तुम ही तो नहीं.

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