मस्त विचार 053

जीवन मस्ताना बनने दो, आँखों से आँखों को मिलने दो.

कुछ तो मनमानी करने दो, कब तक तरसाओगे मन को.

कुछ बात करो तो बात बने, कुछ दूर हम तुम साथ चलें.

क्या खोया है क्या पाया है, जीवन कि कहानी कहने दो.

कुछ हँस के कुछ पा लेंगे हम, रोने से सब खो देंगे हम.

हाथों में हाथ मेरा ले लो, जीवन मस्ताना बनने दो.

मस्त विचार 051

कभी सुख मिला, कभी दुःख मिला

जीवन को हँस कर बिताया मैंने.

सफ़र ये आसान न होगा

जान कर भी कदम बढ़ाया मैंने.

ख़ुशी और गम जो भी मिले

दोनों.को गले लगाया मैंने.

इस दुर्गम रास्ते के काँटों से

जीवन अपना सजाया मैंने.

जीवन के पथरीले रास्ते पर

कभी सुख मिला, कभी दुःख मिला.

मस्त विचार 050

मै चैन से सोने लगा हूँ.

जिन्दगी ने वो तकलीफ है बख्सी.

मौत का खौफ खोने लगा हूँ.

काबिले भरोसे का कोई,

इन्सान नहीं मिलता.

पत्थरों से मन लगाने लगा हूँ.

लुटा रिश्तों के हाथों में इतना.

और लुटवाने कि हिम्मत खो चुका हूँ.

सच जानने कि जिद अधूरी रहेगी.

आदर्शों को अपनाना न सम्भव हुआ.

बे- परवाह अब मै सोने लगा हूँ.

मस्त विचार 049

अच्छा लगा, तेरा बोलना, बतलाना.

अच्छा लगा, तेरा हँसना, मुस्कुराना.

अच्छा लगा, तेरे संग में चलना.

अच्छा लगा, तेरा मिलना, मिलाना.

पर अब दुःख है तेरे जाने का.

तू जो अब तक साथ रहा.

हर दिन तुमने मुझको कुछ सिखलाया.

सुख- दुःख में भी मेरे साथ रहा.

पर फिर भी कहूँगा, अच्छा लगा.

error: Content is protected