मस्त विचार 047
बस महोब्बत से याद करो चाहे मुद्दतों न बात करो..
बस महोब्बत से याद करो चाहे मुद्दतों न बात करो..
इतने हुए करीब के हम दूर हो गए,
ऐसा नहीं के हम को कोई भी खुशी नहीं,
लेकिन ये जिन्दगी तो कोई जिन्दगी नहीं,
क्यों इसके फैसले हमे मंजूर हो गए,
पाया तुम्हे तो हम को लगा तुम को खो दिया,
हम दिल पे रोये और ये दिल हम पे रो दिया,
पलकों से ख्वाब क्यों गिरे क्यों चूर हो गए.
कभी जग लिया तेरे बिना, कभी सो लिया तेरे बिना.
भरी दुनिया में अकेला हूँ तेरे बिना.
कभी हंस लिया तेरे बिना, कभी रो लिया तेरे बिना.
नामुमकिन को मुमकिन बना दे,
तुम से ही एक रिश्ता है यारी का,
इन्तजार की घड़ियां मिटा दे.
रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह.
एक दिन मुरझा जाओगे, और दफ़ना दिए जाओगे.
जीना है तो पत्थर बन के जीओ.
कभी तराशे गए तो, हीरा कहलाओगे.