मस्त विचार 099

मुझे एक नया क्षितिज छूना है,

मन में छिपा एक आसमान है,

जो इस जमीं से दोगुना है,

रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,

बस एक मौका पाना है,

बाँध ली है गाँठ मन में,

जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.  

मस्त विचार 098

रात नहीं ख्वाब बदलता है, मंजिल नहीं कारवां बदलता है.

जज्बा रखो जीतने का,

क्यूंकि किस्मत बदले न बदले पर वक़्त जरूर बदलता है.

मस्त विचार 096

तुम हर जगह अपना रास्ता बना लेते हो,

और जहाँ से गुजरते हो,

उस जगह जिन्दगी के क़दमों के निशान छोड़ जाते हो.

मस्त विचार 095

काँटों से भी मुझको प्यार है, काँटे ही फूलों के पहरेदार है.

चलो छोड़ो फूलों को, काँटों से महक जाओ.

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