मस्त विचार 099
मुझे एक नया क्षितिज छूना है,
मन में छिपा एक आसमान है,
जो इस जमीं से दोगुना है,
रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,
बस एक मौका पाना है,
बाँध ली है गाँठ मन में,
जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.
मन में छिपा एक आसमान है,
जो इस जमीं से दोगुना है,
रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,
बस एक मौका पाना है,
बाँध ली है गाँठ मन में,
जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.
जज्बा रखो जीतने का,
क्यूंकि किस्मत बदले न बदले पर वक़्त जरूर बदलता है.
भर लूँगा मै हर खुशियां, अपने दामन में.
और जहाँ से गुजरते हो,
उस जगह जिन्दगी के क़दमों के निशान छोड़ जाते हो.
चलो छोड़ो फूलों को, काँटों से महक जाओ.
वो चला है, जिसे अपना भी पता याद नहीं.