मस्त विचार 020
आँसू पोंछ कर हँसाया है मुझे.
मेरी ग़लती पर भी सीने से लगाया है मुझे.
कैसे प्यार न हो ऎसे यार से.
जिसके प्रेम ने जीना सीखाया है मुझे.
मेरी ग़लती पर भी सीने से लगाया है मुझे.
कैसे प्यार न हो ऎसे यार से.
जिसके प्रेम ने जीना सीखाया है मुझे.
पर फिर भी शायद कुछ बात है.
उसकी वजह से ही हवाओं में अनोखा अहसास है.
हर वक़्त यूँ लगता है वह आस पास है.
चहरा आप का दिखा कर एहसास करा गये बहुत कुछ.
_ हज़ारों बातें दिल के अंदर ही रह जाती हैं !!
इतने मिले दुःख कि दुःख ही दवा बन गए.
न खुशी में ख़ुशी न ग़म में ग़म मिले.
मन और दिमाग सब सुन्न हो गया.
चोट पे चोट मै खाता चला गया.
खामोश रहा पर मै कुछ कह न सका.
मुस्कुराना मै भी हूँ चाहता.
पर तरसता हूँ एक बहाने को.
तू आए तो एक बहाना बन जाए.