मस्त विचार 014
मै सफलता के लिए इन्तजार नहीं कर सकता था,
अतएव उसके बगैर ही मै आगे बढ़ चला.
अतएव उसके बगैर ही मै आगे बढ़ चला.
_ सुना है अंत मे सब ठीक हो जाता है..
न आँसू बहाने को जी चाहता है,
लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में,
बस तेरे पास आने को जी चाहता है.
ऐ मेरे थके मंन, सुख की सांस ले.
तेरे स्वस्थ होने का समय आ गया है.
मेरा यार जो करता है मदद सभी की.
है आ चुका इस दुनिया में.
और रूप है उसका
एक मनुष्य का…………
उन लोगों के सवाल का जवाब हो तुम यार.
जब- जब तू याद करे मुझको आ जाती हिचकी यार.
कैसे मानूँ सच्चा यार नहीं मिलता.
या तो तुम हालात बदल दो, या फिर जीना छोड़ दो.
चौराहे तो आते हैं जीवन में, हर इक मोड़ पर.
चलने के काबिल बन जाओ, या फिर चलना छोड़ दो.