मस्त विचार 017
तमीजदार होने का नुकसान ये भी है कि, _
_ हज़ारों बातें दिल के अंदर ही रह जाती हैं !!
_ हज़ारों बातें दिल के अंदर ही रह जाती हैं !!
इतने मिले दुःख कि दुःख ही दवा बन गए.
न खुशी में ख़ुशी न ग़म में ग़म मिले.
मन और दिमाग सब सुन्न हो गया.
चोट पे चोट मै खाता चला गया.
खामोश रहा पर मै कुछ कह न सका.
मुस्कुराना मै भी हूँ चाहता.
पर तरसता हूँ एक बहाने को.
तू आए तो एक बहाना बन जाए.
अतएव उसके बगैर ही मै आगे बढ़ चला.
_ सुना है अंत मे सब ठीक हो जाता है..
न आँसू बहाने को जी चाहता है,
लिखूँ तो क्या लिखूँ तेरी याद में,
बस तेरे पास आने को जी चाहता है.