मस्त विचार 011
ऐ मेरे थके मंन, सुख की सांस ले.
तेरे स्वस्थ होने का समय आ गया है.
मेरा यार जो करता है मदद सभी की.
है आ चुका इस दुनिया में.
और रूप है उसका
एक मनुष्य का…………
ऐ मेरे थके मंन, सुख की सांस ले.
तेरे स्वस्थ होने का समय आ गया है.
मेरा यार जो करता है मदद सभी की.
है आ चुका इस दुनिया में.
और रूप है उसका
एक मनुष्य का…………
उन लोगों के सवाल का जवाब हो तुम यार.
जब- जब तू याद करे मुझको आ जाती हिचकी यार.
कैसे मानूँ सच्चा यार नहीं मिलता.
या तो तुम हालात बदल दो, या फिर जीना छोड़ दो.
चौराहे तो आते हैं जीवन में, हर इक मोड़ पर.
चलने के काबिल बन जाओ, या फिर चलना छोड़ दो.
भूल कर दुनिया सारी अब तेरा हो गया.
आते ही रहना भूल न जाना.
अब तो तेरा मेरा रिश्ता हो गया.
मै तुम्हारे ही मन पर लिखा अफ़साना हूँ.
मुझको पेड़ की शाखाओं में कहाँ पाओगे,
मै फूलों में छिपा खुशबू का खजाना हूँ.
नदिया में समन्दर में नहीं मिल सकता,
मै बहते हुए झरनों का ठिकाना हूँ.
दो कदम साथ तो चल कर देखो,
मेरे यार मै हमसफ़र बड़ा मस्ताना हूँ.
मेरे मन के मीत हो तुम.
दूर नहीं पास हो तुम.
पास नहीं एहसास हो तुम.
तुम क्या जानो, तुम क्या हो.
कब तक मैं ऐसे जीऊँ.
कब तक आँसू यूँ छलकाऊँ.
मेरे जीवन का हर पल तुम्ही हो.
इस को यूँ मत व्यर्थ गँवाओ.
अब तो आ जाओ, कैसे मैं तुम को बताऊँ.