सुविचार 4802
हम हानि व कष्ट होने पर कुछ गवां ज़रूर देते हैं किन्तु उनसे शिक्षा लेते हुए ही हमें भविष्य का खाका खींचते हुए योजनाएं बनानी होंगी, ताकि वैसी हानिकारक एवं कष्टदायक घटनाओं की जीवन में पुनरावृत्ति न हो.
जहाँ दर्द तो होता है. मगर आवाज़ नहीं होती..!
उलझा हुआ सा मुझमें कोई और भी है.
हमने भी रख दिए अपने सवालात बांधकर।”
तो अवश्य वो कुछ ऐसा भी देंगे, जिसे पाने का आपने कभी सोचा भी नहीं होगा.
इसलिए हमेशा हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास रखें.
यह कठिन होने वाला है, लेकिन कठिन का अर्थ असंभव नहीं है.