सुविचार 4832
चर्चा और निंदा ..यह केवल सफल व्यक्ति के ही भाग्य में होती है…
इसलिए सफर जारी रखिए..!!
इसलिए सफर जारी रखिए..!!
बज तो रहा है मगर ….फिर भी बेआवाज़ है….
इसके बीच में मैं जितना हो सके स्वयं को व्यस्त रखता हूं.”
” अतीत को केवल इसलिए मिटाने की कोशिश नहीं की जा सकती है और नहीं करना चाहिए क्योंकि यह वर्तमान के अनुकूल नहीं है “
रोज नही तो उस पल हम याद तुम्हे आएंगे..
यही परेशानीयों की खास वज़ह भी है “
गर वो रोये तो उन्हे कौन हंसाता होगा।!!
सोच शुभ है तो, शुभता -फलित होती है, यही असली बात है,”
कि बात किसी से भी करूँ…. ख्याल तेरा ही आता है ….!!