सुविचार 4572
आप जो भी काम करें उसे ख़ुशी से और प्रसन्नतापूर्वक करने की कोशिश करें.
एक स्वतंत्र विचारक बनें और जो कुछ भी आप सुनते हैं उसे सत्य के रूप में स्वीकार न करें,_ आलोचनात्मक बनें और मूल्यांकन करें कि आप किस पर विश्वास करते हैं…
क्यूंकि पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से खुद के पैरों में चप्पल पहन लेना अधिक सरल है.
ये नियति का नियम है.
हर कोई अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगा है.
और पहचान रहे हो, तो ठहर क्यूँ नहीं जाते ??
पर ऐसा नहीं है कि मैंने चलना छोड़ दिया है.