सुविचार 576

जब तुम्हारा जन्म हुआ था, तब तुम रोये थे जब कि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था. जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोये और तुम जश्न मनाओ.

सुविचार 575

गाँठ बाँध लें, जो भी काम या चीज अवसर की तरह दिखे, उसे ठुकराना नहीं चाहिए, खुद की छमताओं को नए काम दे कर परखें.

सुविचार 574

कोई भी ऎसा व्यक्ति नहीं है, जिससे कभी कोई गलती नहीं हुई. इसलिए गलती होने पर उसकी जिम्मेदारी भी लें.

मस्त विचार 526

हम खुद पर गरूर नहीं करते,

याद करने के लिए किसी को मजबूर नहीं करते,

मगर एक बार किसी को अपना बना लें तो,

उसे अपने से कभी दूर नहीं करते.

मस्त विचार 525

जब तक हम दूसरों के बारे में नहीं सोचते है और उनके लिए कुछ नहीं करते हैं,

तब तक हम खुशियों के सबसे बड़े स्त्रोत को गँवाते रहते हैं.

सुविचार 573

बदला लेने की भावना वाला व्यक्ति कभी पसंद नहीं किया जाता. इसके विपरीत दूसरों को माफ करने वाला इनसान हर जगह सम्मान पाता है. दरअसल, जब आप किसी को माफ करते हैं, तब आप अपने नहीं, दूसरे के जीवन के बारे में सोचने लगते हो और उसी समय आपके अंदर भलाई की भावना उत्पन्न होने लगती है. आनंदित, खुश, दयालु और उदार रहने का यह एक महान तरीका है. इसलिए कहा गया है, माफी दूसरों को दिया जाने वाला सबसे बेशकीमती उपहार और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली औषधि है.

सुविचार 572

अपनी वाणी की प्रभाव छमता बनाए रखने के लिए हमेशा अर्थपूर्ण शब्दों का ही प्रयोग करें.

सुविचार 571

अच्छा लीडर समस्या पर नहीं, बल्कि हल पर ध्यान देता है. वह किसी को दोष नहीं देता, वह जिम्मेदारी उठाता है और दोबारा काम पर जुट जाता है.

मस्त विचार 524

हम कुछ आदमियों से इसलिए घृणा करते है कि, हम उन के बारे में पूरी तरह नहीं जानते और कभी जान भी नहीं सकेंगे,

क्योंकि उन से हम घृणा करते हैं.

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