सुविचार 673

जानने की इच्छा को जिज्ञासा कहते है और यही इच्छा ज्ञान की जननी है.
जिज्ञासा कभी-कभी हमें थका भी देती है, लेकिन वही दुनिया को थोड़ा अलग ढंग से देखने की क्षमता भी देती है.

मस्त विचार 607

जितनी भी अदभुत चीजों का आविष्कार हुआ है, उनके आविष्कारकों को पहले दुनिया पागल कहती थी, लेकिन उन्होंने खुद को साबित कर दिखाया.

सुविचार 672

ज़िन्दगी एक यात्रा है. रो कर जीने से बहुत लम्बी लगेगी और हंस कर बिताने पर कब पूरी हो जाएगी, पता भी नहीं चलेगा.

सुविचार 671

अपनी ख़ुशी को कल पर मत टालिए, नहीं तो आप ज़िन्दगी में कभी ख़ुशी नहीं मना पायेंगे.

मस्त विचार 606

हमेशा उन्ही के करीब मत रहिए, जो आप को खुश रखते हैं.

कभी उन के भी करीब जाइए, जो आप के बिना खुश नहीं रह सकते.

सुविचार 670

दूसरों के लिए कुछ कर पाना, एक अलग ही संतुष्टि व ऊर्जा देता है और इस से निराशा का भाव छूमंतर हो जाता है.

सुविचार 669

हमें हमारे जीवन के मूल्यों को समझने के लिए पारखी नजर की आवश्यकता है. हम समझते हैं जो संपन्न हैं, पैसे से भरपूर हैं, हमारी नजरों में वही खुश हैं जबकि हो सकता है कि उनके पास जीवन मूल्यों का अभाव हो. जिस के ह्रदय में प्रेम, दया, धीरज जैसे भाव हैं, असल में वही खुश हैं, ऎसे अन्दरूनी सौन्दर्य को पहचानने के लिए दिल में अहंकार नहीं, प्रेम चाहिए.

सुविचार 667

स्पष्ट इनकार और अस्वीकार से पहले थोड़ा सा कष्ट अवश्य होता है किंतु बाद में विपत्ति से रछा हो जाती है.
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