सुविचार 569

समस्त रिश्तों के बीच विश्वाश उसी तरह कार्य करता है, जिस तरह जिंदगी में श्वांस काम करता है.

सुविचार 568

बातचीत के दौरान ध्यान रखना चाहिए कि हम ऐसी बात तो नहीं कह रहे , जिस से हमारा हलकापन झलकता हो. बातचीत के दौरान गंभीरता रखी जाए तो, गरिमा बढ़ती है.

मस्त विचार 523

जीवन तो खाली किताब है, कोरा पन्ना है.

कोरा पन्ना न सार्थक होता न व्यर्थ होता, सिर्फ खाली होता है –

– उस पर क्या लिखोगे, सब इस पर निर्भर करता है.

सुविचार 566

मनुष्य जब तक दुनिया में जीता है. अनुकरण और अनुचरण जीवन में लगातार चलता रहता है.

सुविचार 565

वास्तविक सुख मस्तिष्क और शरीर दोनों से पूरा काम लेने से ही प्राप्त हो सकता है.

सुविचार 564

इनसान को अपने ज्ञान का अभिमान तो रहता है, लेकिन अभिमान का ज्ञान नहीं रहता है.

सुविचार 563

कभी भी कितनी ही बड़ी मुसीबत क्यों न आ जाए, अपने सिद्धांतों से कभी भी न डिँगे. यही चीज आपको दूसरों से अलग खड़ा करती है.

सुविचार 562

जब आपका मस्तिष्क शांत हो तब अपनी समस्या का समाधान ढूंढो।

Work on problem solving when your mind is calm.

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