सुविचार 667

स्पष्ट इनकार और अस्वीकार से पहले थोड़ा सा कष्ट अवश्य होता है किंतु बाद में विपत्ति से रछा हो जाती है.

मस्त विचार 604

ज़िन्दगी पल-पल ढलती है,

जैसे रेत मुट्ठी से फिसलती है…

शिकवे कितने भी हो हर पल,

फिर भी हँसते रहना…

क्योंकि ये ज़िन्दगी जैसी भी है,

बस एक ही बार मिलती है.

सुविचार 666

कौन इंसान किन परिस्थितियों से गुजर रहा है, यह आप बाहरी रूप देख कर अन्दाजा नहीं लगा सकते. इसलिए बिना किसी को जाने, किसी के बारे में कोई निर्णय न लें.
हर व्यक्ति कि परवरिश, आर्थिक स्थिति, दिमागी स्थिति, सोचने का तरीका अलग होता है. जो आपके लिए गलत है, हो सकता है उनके लिए सही हो.

सुविचार 665

आदमी की आधी से ज्यादा जिंदगी इसी में चली जाती है, कि दूसरे मेरे बारे में क्या बोलते हैं, क्या सोचते हैं.

मस्त विचार 603

जिंदगी को इतना # सिरियस लेने की जरूरत नही यारों..

यहाँ से # जिन्दा बचकर # कोई नही जायेगा.

मस्त विचार 602

भूल जा न देख मुड़ मुड़ कर उनको.

जिन्हें साथ नहीं चलना है वो अक्सर रूठ जाया करते हैं.

कितनी ही शिद्दत से निभा लो तुम रिश्ता…

मगर…..बदलने वाले बदल ही जाते हैं….!!

मस्त विचार 600

क्या. बात करे इस दुनिया. की

“हर. शख्स. के अपने. अफसाने. हैं “

जो सामने. हैं. उसे लोग. बुरा कहते. हैं,

जिसको. देखा. नहीं उसे सब “खुदा”. कहते. है….

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