सुविचार 659
आदत एक जबरदस्त रस्सा है जिसे हम प्रतिदिन अपने हाथों बंटते हैं, अपने ही हाथों बंटे गए इस मोटे रस्से को अंत में हम तोड़ने में असमर्थ हो जाते हैं.
ये जिंदगी फिर वापस कहा मिलती है,
कौन किस से चाह कर दूर होता है,
हर कोई अपने हालातों से मजबूर होता है,
हम तो बस इतना जानते हैं…
हर रिश्ता “मोती” और
हर दोस्त “कोहिनूर” होता है।।।
किसी भी रिश्ते को सच्चे दिल से निभाओ,
ख़ुशी एक एहसास है,जिसकी हर किसी को तलाश है..
पर जिंदगी तो वही जीता है, जिसे खुद पर विश्वास है..!
किसी चीज को शिद्दत से चाहो, तो वह मिल ही जाती है.
लेकिन फिर भी उनसे अपनों वाली खुशबू आती है.
कुछ लोगों के साथ खून का रिश्ता नहीं होता,