मस्त विचार 516
जिसके लफ़्ज़ों में हमे अपना अक्स मिलता है…,
बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है……..
बड़े नसीबों से ऐसा कोई शख़्स मिलता है……..
ना कुछ रोकर सीखता है
जब भी कुछ अलग सीखता है तो,
या तो किसी का होकर सीखता है…
या फिर किसी को खोकर सीखता है…
मेरी रगो में जहर जुदाई का उतरता देखो….
किस – किस अदा से तुझे माँगा है,
आओ कभी सजदो में मुझे सिसकता देखो….
हमारा नजरिया जैसा होगा, हम खुद के बारे में वही सोचेंगे.