मस्त विचार 515

 इंसान ना कुछ हंसकर सीखता है

ना कुछ रोकर सीखता है

जब भी कुछ अलग सीखता है तो,

या तो किसी का होकर सीखता है…

या फिर किसी को खोकर सीखता है…

मस्त विचार 514

आओ किसी शब मुझे टूट के बिखरता देखो,

मेरी रगो में जहर जुदाई का उतरता देखो….

किस – किस अदा से तुझे माँगा है,

आओ कभी सजदो में मुझे सिसकता देखो….

सुविचार 550

अपने भीतर छिपे किसी एक गुण को पहचानें और उसे उच्चतम शिखर तक ले जाएँ, वह एक गुण ही आपको……लोगों की भीड़ में अलग खड़ा करता है.

मस्त विचार 513

ऐसा कतई न सोचें कि आप सब कुछ जान गए हैं और अब सीखने की जरुरत नहीं है, सीखना एक सतत प्रक्रिया है.

सुविचार 549

सदैव मर्यादा में चलो, कभी सीमा से बाहर न जाओ, धनजन और यौवन पर गर्व न करो.

सुविचार 547

अगर कोई आपके लिए रोता है तो आप उसका हांथ थामने में कतई देर न करें.

मस्त विचार 512

सौभाग्य या दुर्भाग्य व्यक्ति का एक नजरिया होता है,

हमारा नजरिया जैसा होगा, हम खुद के बारे में वही सोचेंगे.

सुविचार 546

“मैं अपनी ‘ज़िंदगी’ मे हर किसी को ‘अहमियत’ देता हूँ…क्योंकि जो ‘अच्छे’ होंगे वो ‘साथ’ देंगे… और जो ‘बुरे’ होंगे वो ‘सबक’ देंगे…!!
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