सुविचार 545
दुनिया में हर किसी सफल इन्सान के पीछे किसी न किसी की प्रेरणा रही है.
क्योंकि जब वो नीचे आएगा, अपना फैसला खुद सुनाएगा..
हर दोपहर नए दर्द से नजरें चार होता हूँ.
शाम को गहराती है दर्दे यारी..
फिर नयी सुबह के इन्तज़ार में होता हूँ.
_ बस हमारा व्यवहार और नीयत ठीक होनी चाहिए.
_हर एक मुसीबत में वो मददगार है !!
यदि कोई शख्स, अच्छा इन्सान बनने को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना ले तो इससे बेहतर और क्या होगा.
सुख- दुःख की कड़ी को मिलाते हो.
हम जीयें ज़िन्दगी मस्तों की तरह.
ऐसी मस्ती तुम ही लाते हो.