सुविचार 719
झुर्रियां हमारे माथे पर पड़नी ही हैं तो भी उन्हें ह्रदय पर मत पड़ने दो.
उत्साह को कभी भी वृद्ध नहीं होना चाहिए.
उत्साह को कभी भी वृद्ध नहीं होना चाहिए.
क्योंकि उस की आपूर्ति इतनी अधिक है और मांग इतनी कम.
यदि व्यक्ति चाहे तो इस से दिव्यता के शिखर को छू सकता है.
सुख दुःख को छक कर पीना सीख जाएँ, आए संकट नहीं घबराएँ, मस्त हो कर जीना हम सीख जाएँ.
ज़िन्दगी को हम ऎसे जीना सीख जाएँ,
यहाँ तो हर कोई वफा की उम्मीद दे कर बेवफाई कर जाता है.
मिलती है कहाँ वफा ज़रा हमे भी तो बताओ दोस्तों
अगर उसे “समझना” है तो उसे “बोलने” दो….!!!”
हर “इंसान” अपनी “जुबां” के “पीछे” “छुपा” हुआ है !!