मस्त विचार 547
मैं जीवित हूँ उस तरीके से जीने के लिए…
जो मुझे खुश बनाता है.
मैं जीवित हूँ उस तरीके से जीने के लिए…
जो मुझे खुश बनाता है.
मगर एक खूबी भी है…”मैं किसी से रिश्ता मतलब के लिए नही रखता.”
काम में खुश हूं, आराम में खुश हूँ,
आज पनीर नहीं, दाल में ही खुश हूँ,
आज गाड़ी नहीं, पैदल ही खुश हूँ,
दोस्तों का साथ नहीं, अकेला ही खुश हूँ,
आज कोई नाराज है, उसके इस अंदाज से ही खुश हूँ,
जिस को देख नहीं सकता, उसकी आवाज से ही खुश हूँ,
जिसको पा नहीं सकता, उसको सोच कर ही खुश हूँ,
बीता हुआ कल जा चुका है, उसकी मीठी याद में ही खुश हूँ,
आने वाले कल का पता नहीं, इंतजार में ही खुश हूँ,
हंसता हुआ बीत रहा है पल, आज में ही खुश हूँ,
जिंदगी है छोटी, हर पल में खुश हूँ.
_ सामने खड़े लोग खुद को बादशाह समझने लगे..
शायद तेरा ख़याल मेरा हमसफ़र हुआ.