सुविचार 598

जीवन कितना अच्छा होता है _ जब कोई कुछ अच्छा _ और न्यायपूर्ण करता है !
ईमानदार आदमी का सोचना लगभग हमेशा न्यायपूर्ण होता है.

मस्त विचार 551

एक बन्दे ने पूछा क्या है ” जिन्दगी “

दूसरे बन्दे ने खूबसूरत जवाब दिया …..

ना सुख जिन्दगी ,

ना दुख जिन्दगी ,

ना गम जिन्दगी ,

ना खुशी जिन्दगी ,

अपने -अपने कर्मों का हिसाब है जिन्दगी !!

मस्त विचार 550

जिँदगी की राहो पर कभी यूँ भी होता है.

इंसान खुद रो पड़ता है अकेले मे

किसी को हौँसला देने के बाद.

मस्त विचार 549

जिन्दगी हमें हमेशा नया पाठ पढ़ाती है, _

_ लेकिन हमें समझाने के लिए नहीं बल्कि हमारी सोच बदलने के लिए..

सुविचार 597

मनुष्य जिस तरह की बातें सोचने लगता है, उसी तरह की उसकी विचार धारा बन जाती है और जिस तरह की विचार धारा बन जाती है, उसी तरह का वह जीवन जीने लगता है.

मस्त विचार 548

शहर की सड़को को गौर से देखा जाए

कोई रिश्ता सा इनसे भी नज़र आए,

मेरा कुछ था, मगर वो कुछ भी न था

रास्ता, वो जो रोज़ मेरे घर को जाए….

सुविचार 596

कठिनाइयां सब पर आती हैं. बुद्धिमान उसे हंस कर और मूर्ख उन्हें रो कर काटते हैं.
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