मस्त विचार 525

जब तक हम दूसरों के बारे में नहीं सोचते है और उनके लिए कुछ नहीं करते हैं,

तब तक हम खुशियों के सबसे बड़े स्त्रोत को गँवाते रहते हैं.

सुविचार 573

बदला लेने की भावना वाला व्यक्ति कभी पसंद नहीं किया जाता. इसके विपरीत दूसरों को माफ करने वाला इनसान हर जगह सम्मान पाता है. दरअसल, जब आप किसी को माफ करते हैं, तब आप अपने नहीं, दूसरे के जीवन के बारे में सोचने लगते हो और उसी समय आपके अंदर भलाई की भावना उत्पन्न होने लगती है. आनंदित, खुश, दयालु और उदार रहने का यह एक महान तरीका है. इसलिए कहा गया है, माफी दूसरों को दिया जाने वाला सबसे बेशकीमती उपहार और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली औषधि है.

सुविचार 572

अपनी वाणी की प्रभाव छमता बनाए रखने के लिए हमेशा अर्थपूर्ण शब्दों का ही प्रयोग करें.

सुविचार 571

अच्छा लीडर समस्या पर नहीं, बल्कि हल पर ध्यान देता है. वह किसी को दोष नहीं देता, वह जिम्मेदारी उठाता है और दोबारा काम पर जुट जाता है.

मस्त विचार 524

हम कुछ आदमियों से इसलिए घृणा करते है कि, हम उन के बारे में पूरी तरह नहीं जानते और कभी जान भी नहीं सकेंगे,

क्योंकि उन से हम घृणा करते हैं.

सुविचार 569

समस्त रिश्तों के बीच विश्वाश उसी तरह कार्य करता है, जिस तरह जिंदगी में श्वांस काम करता है.

सुविचार 568

बातचीत के दौरान ध्यान रखना चाहिए कि हम ऐसी बात तो नहीं कह रहे , जिस से हमारा हलकापन झलकता हो. बातचीत के दौरान गंभीरता रखी जाए तो, गरिमा बढ़ती है.

मस्त विचार 523

जीवन तो खाली किताब है, कोरा पन्ना है.

कोरा पन्ना न सार्थक होता न व्यर्थ होता, सिर्फ खाली होता है –

– उस पर क्या लिखोगे, सब इस पर निर्भर करता है.

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