सुविचार 4558

उम्मीद से कम मिली हुई चीज़ तो खुद को ही चुभती है,

लेकिन उम्मीद से ज्यादा मिली हुई चीज,,,,लोगों को चुभने लगती है..

सुविचार – कीमती – Valuable – 4557

खो देने के बाद ही ख्याल आता है, कितना कीमती था !!

” समय, व्यक्ति और संबंध “

अपने जीवन को इतना सस्ता या बेकार मत बनाइये कि.. सबसे हल्की चीजें भी आपको बहुत कीमती लगने लगें.. और मूल्यवान चीजें बेकार लगने लगे.!
कभी-कभी हम उन चीजों की कामना करते हैं जो हमारे पास नहीं होतीं और बाद में हमें एहसास होता है कि हम उन्हें क्यों नहीं पा सके,

_ क्योंकि उनसे बेहतर चीजें हमारा इंतजार कर रही थीं.
हम आम इंसान हैं, किसी भी वस्तु का असली मूल्य हमें उसके खो जाने के बाद ही ज्ञात होता है,

_ जब तक वह हमारे सामने रहती है, हम उसे महत्वहीन मानकर उपेक्षा कर देते हैं..
_ परंतु जैसे ही वह हमसे दूर हो जाती है, हमें उसकी कमी खलने लगती है..
_ इसी भूल में हम न जाने कितनी अनमोल वस्तुओं को हमेशा के लिए खो बैठते हैं.!!
हम साधारण मनुष्य हैं किसी भी चीज़ की अहमियत हमें अक्सर उसके खो जाने के बाद ही समझ आती है

_ जब तक कोई वस्तु हमारे सामने होती है, हम उसे सामान्य मानकर उसकी क़ीमत भूल जाते हैं..
_ ठीक इसी भांति, मैने अपने जीवन में अनेकों जादुई चीज़ें, लोग, और एहसास बिना समझे, बिना सँभाले खो दिए हैं..
_ पर अब से जो पहले खो दिया, वो खो गया.. मगर अब किसी को नहीं खोना..
_ क्योंकि कुछ रिश्ते, कुछ पल दूसरी बार नहीं मिलते.!!
“जीवन की कई नेमतें हमें तब दिखाई देती हैं, जब वे दूर हो जाती हैं ;

_ सजगता का अर्थ है उन्हें दूर जाने से पहले पहचान लेना”
_ जब तक हम किसी चीज़ के बीच से गुज़र रहे होते हैं, हमें उसकी अहमियत पता नहीं चलती.
_ जब हम उसमें से गुज़र कर बाहर निकल आते हैं, तब हमें उसके सही मायने समझ में आते हैं.!!
हर नयी चीज कीमती नहीं होती..
_ कीमती वो होती है जो हमें नया बना दे.
कई चीज़ें हमारे पास होते हुए भी बेकार पड़ी रहती हैं, क्योंकि हमें उनकी कीमत तब तक महसूस नहीं होती, जब तक हमें उनकी जरूरत न पड़ जाए.

_ जरूरत आते ही हम उन्हें तलाशने लगते हैं, और तब समझ आता है कि जिसे हम धूल खाता हुआ छोड़ बैठे थे, वही कभी हमारे लिए सबसे जरूरी था.!!
– Nirarthak Nirarthak

Collection of Thought 1071

Whatever you think about the most, happens in your life…

आप जिस चीज के बारे में सबसे ज्यादा सोचते हैं, वही आपके जीवन में घटित होती है.

सुविचार 4556

मुस्कान और मदद, दो ऐसे इत्र हैं, जिन्हें आप जितना अधिक, दुसरो पर छिड़केंगे,

उतने ही आप स्वयं सुगन्धित होगें.

मस्त विचार 4430

कार्य कुशलता छोटे और बड़े का भेद नहीं जानती. जो कार्य कुशल होगा वह चाहे आरम्भ में कितना ही छोटा क्यों न हो, अवश्य उन्नति करेगा और जो कार्य कुशल नहीं होगा, वह आरम्भ में कितना ही बड़ा क्यों न हो, अवश्य गिरेगा.

_ अपने कार्य को निर्धारित समय से करना और उसे अच्छी तरह जानना ही कार्य कुशलता है.!!

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