सुविचार 537
जीवन में कभी किसी से अपनी तुलना मत कीजिए. आप जैसे हैं, सर्वश्रेष्ठ हैं, रब की हर रचना अपने आप में सर्वोत्तम है.
तो ज़माने को बताने से पहले, एक बार हमें जरूर बता देना.
वर्ना हम गरीबों का नवाबो से ताल्लुक कैसा………
अभी चार दिन नहीं गुजरे, साल अभी से पुराना लगता है…!