मस्त विचार 446
सीख का कदाचित ही स्वागत होता है,
जिनको इसकी अधिक आवश्यकता है,
वे ही इसको सबसे कम पसन्द करते हैं.
जिनको इसकी अधिक आवश्यकता है,
वे ही इसको सबसे कम पसन्द करते हैं.
बस तेरी मुसकुराहट, देख कर समझ जाता हूँ ,,,,,,,कि
मेरी तकदीर बुलंद हैं,,,,,
लेकिन यकीन करो,
ज़िन्दगी तब और बेहतरीन हो जाती हैं,
जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं.
दिल में गुजरी बातों के सिवा कुछ भी नही.
तु जहाँ भी रहे सदा मुसकुराते रहो,
मेरे लब पर दुआओ के सिवा कुछ भी नही.
बैठ के अपनी सोच तुझे किसी और से क्या !