सुविचार 358

घमंड के लिए नहीं, लेकिन कभी – कभी आत्मसम्मान के लिए जिंदगी में कुछ लोगों का साथ छोड़ना पड़ता है.

Quotes by अरस्तु

जन्म देने वाले माता- पिता से अध्यापक कहीं अधिक सम्मान के पात्र हैं, क्योंकि माता- पिता तो केवल जन्म देते हैं, लेकिन अध्यापक उन्हें शिछित बनाते हैं, माता- पिता तो केवल जीवन प्रदान करते हैं, जबकि अध्यापक उनके लिए बेहतर जीवन को सुनिश्चित करते हैं.
स्त्रियों की उन्नति या अवनति पर ही राष्ट्र की उन्नति या अवनति निर्भर करती है.
हम इसलिए सही काम नहीं करते क्योंकि हमारे अंदर सदगुण तथा श्रेष्ठ्ता है, बल्कि हमारे अन्दर वे गुण इसलिए हैं क्योंकि हमने सही काम किया है. हम वैसे ही हैं जैसा हम बार- बार करते हैं, तब श्रेष्ठ्ता कोई क्रिया नहीं रहती बल्कि एक आदत बन जाती है.

सुविचार 357

एक चोरी करता है, दूसरा चोरी में मदद करता है और तीसरा चोरी का इरादा करता है, तीनों चोर हैं.

Quotes by एमर्सन

सुखी मनुष्य वह है जो अतिथि को देख कर कभी मुंह नहीं लटकाता, अपितु हर अतिथि का प्रसन्नतापूर्वक स्वागत करता है.
वहां मत जाइए जहां रास्ता ले जाए, बल्कि वहां जाइए जहां कोई रास्ता नहीं है और वहां अपने निशान छोड़ जाइए.
महान व्यक्तियों की विपत्तियां ही उन की समृद्धि का कारण रही हैं. पतंग हवा के विरुद्ध ही उड़ती है.
प्रेम में, ज्ञान में और सौंदर्य में कभी अति नहीं होती, जब ये गुण पूर्ण शुद्ध अर्थ में समझे जाएँ.
असंतोष अपने ऊपर अविश्वास का फल है, यह कमजोर इच्छा का रूप है.
सुसंपन्न कार्य का पुरस्कार उस का संपन्न कर लेना ही है.
मित्र पाने का एकमात्र उपाय स्वयं मित्र बनना है.
अच्छा पाठक ही पुस्तक को अच्छा बनाता है. 

सुविचार 356

जीवन में सफलता के लिए लछ्य निर्धारण बहुत जरुरी है. लछ्य निर्धारित होने के बाद उसके अनुरूप कार्य करने की अनिवार्यता होती है. पूरी प्रतिबद्घता, अनुशासन, संयम, लगातार परिश्रम करने की लगन यदि एक साथ मिल जाए तो हर मंजिल आसान हो जाती है.

सुविचार 355

जब आप ईमानदारी से कुछ चाहतें हैं, तो पूरी कायनात उसको हासिल करने में आपकी मदद करती है.

सुविचार 354

जिन्दगी अच्छे और बुरे पलों से मिल कर बनी है, दोनों का अपना मज़ा है. एक के बिना दूसरा अधूरा है, यही वजह है कि न तो कभी खुशी को सिर पर बिठाओ, न ग़म को दिल से लगाओ.

सुविचार- आपकी ज़िन्दगी सॅवारने के लिए आपको खुद लगना होगा.- 352

आपकी ज़िन्दगी सॅवारने के लिए आपको खुद लगना होगा.
तुम्हारी खामोशियों में एक शोर है. _ मैं तुम्हें सुनता हूं और सुनकर खामोश हो जाता हूं.

_ पर अफसोस कि आसपास उन खामोशियों को सुनने वाला कोई नहीं होता.

_ हमारे आसपास की चीजें तेजी से मर और खत्म हो रही हैं.
_ हवाओं में एक चीख है, जो किसी को सुनाई नहीं देती.
_ उदासी कह रही है कि कोई छूए और हमारा मौन टूटने का नाम ही नहीं ले रहा है.
_ हमें समझना होगा कि यह कोई दर्शन नहीं जीवन है.
_ हमें अपने आसपास, पास पड़ोस, अपनी और दूसरों की छोटी- बड़ी जरूरतों को जाहिर करना और ख्याल रखना चाहिए.
_ हमें समझना आना चाहिए कि हम इंसानों को सिर्फ दर्शन नहीं जीवन की आश्यकता है ; अपनेपन, प्रेम और स्पर्श की जरूरत है.
…और इतने भर से ही इन्सान जी उठता है ; पर इतना भी हर किसी के हिस्से में नहीं..
_ इसी छोटी सी हंसती खिलखिलाती दुनिया में एक बहुत बड़ी दुनिया उदास है,
पर उन उदासियों तक पहुंचने वाला कोई नहीं है.
_ इसी हंसती खिलखिलाती दुनिया में एक बहुत बड़ी दुनिया बेचैन है,
पर उनकी बेचैनियों तक हमारे हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं.
_ कुछ छूट रहा है, कुछ अलग हो रहा है, कुछ था जो अब नहीं है..
_ पर इसका मतलब यह नहीं कि हर कोई बेचैनियों का दामन थाम ले और उदसियों का हाथ पकड़ अपने ही घर के किसी अंधेरे कोने को तलाश बैठ जाए.
_ तुम्हें पता है ? जब आसपास कुछ भी नहीं होता तो बहुत कुछ होता है.
_ एक खिड़की, एक झरोखा, एक दरवाजा..!!
_ मुझे चाहे कितना भी दुख क्यों हो, _ मैं हमेशा खिड़की, दरवाजे या फिर खुली हुई जगह पर बैठता हूं.
_ तुम्हें पता है ? हवाओं में एक स्पर्श होता है, अपनी पसंद की जगहों में भी एक सम्मोहन और अपनापन होता है.
_ और यह छोटा सा प्रयास मेरे चेहरे पर मुस्कराहट लाता है.
_ देखा जाए तो मुस्कराहट इस दुनिया की सबसे बड़ी इनायत है.
_ ब्रह्माण्ड की सारी खूबसूरत चीजें आपको हंसते हुए मिलेंगी..
_ जैसे की फूल, जैसे की तितलियां, जैसे की परिंदे, जैसे की मछलियां..
_ जैसे की यह धरती, आकाश, पहाड़ और नदियां..
_ सच कहूं तो पूरी की पूरी जिन्दगी पहाड़ की तरह है..
.. अगला मोड़ आपको किधर और कहां लेकर जाएगा _किसी को भी नहीं पता..
_बावजूद इसके पहाड़ जिन्दगी की तरह खूबसूरत हैं, इनमें बड़े से बड़े दुख को सह लेने की शक्ति और सकून है.
_ अच्छा होगा कि अगर खिड़कियों, रौशनदानों और दरवाजों से सांस लेने जितनी पर्याप्त हवा नहीं आ पा रही हो तो घर में घुटने की बजाय पहाड़ चुनिए..
_ यह पहाड़ हमें खुदको भूल जाने और जीने का हजारों अवसर देते हैं..
_ संसाधन कम है, पर जिन्दगी ज्यादा..
_ जिन्दगी उन भौतिक चीजों से हरगिज नहीं बनती _ जिन्हें हम सुख और समृद्धि का कारण समझते हैं..
_ मन के हारे हार है, मन के जीते जीत..
_ खुश रहने के सबसे बड़े कारण फूल हैं, तुम एक छोटा सा गमला लो, उसमें मिट्टी डालो, बीज रोपो और उसके खिलने का इंतजार करो..
_ देखना उसके खिलने तक तुम्हारी सारी उदासियां, सारी बेचैनिया खत्म हो जाएंगी..
_ मन बहुत ही मासूम है, हृदय बहुत ही कोमल..
_ एक उम्मीद ही तो पालनी है ?
_ देखना तुम एक दिन फिर से एक नए जीवन में प्रवेश करोगे,
_ देखना एक बार फिर से तुम जी उठोगे और खिलखिलाकर हंसोगे..!!

सुविचार 351

उलझने वहीँ पैदा होती हैं, जहाँ हम अपना जीवन जीते- जीते दूसरे का भी जीवन जीने लगते हैं और उम्मीद करने लगते हैं कि वह आँख मूंद कर हमारी हर बात माने.
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