सुविचार 436
जीवन में सर्वांगीण विकास चाहतें हैं तो जीवन को अनुशसित करें.
तब समझ लीजये , हमे “जीना” आ गया…!!”
बाकी सभी लोग कहानी सुनना पसंद करते हैं..
एक ज़ख्म नहीं भरता, दूसरा आने की ज़िद करता है.
बुरे लोग ही खुद को हर घडी अच्छा दिखाते हैं…!!
अब जीऊंगा सिर्फ उन के लिए …जिनके लिए मैं सब कुछ हुँ ..!
जिसके साथ हम अपना सबकुछ बांट लेना चाहते हैं….
सिर्फ सिमटी हुई यादो का सिलसिला होगा,
जो लम्हे है चलो हंस कर बिता लें,
जाने कल ज़िन्दगी का क्या फैसला होगा.