बुराइयां ही क्लेश की जड़ हैं जो हमारे द्वारा दूसरों को दुख देने का कारण बनती हैं, शायद उस से भी ज्यादा हमें दुखी रखने का. अपनी बुराइयों पर विजय पाना ही आत्मजयी होना है.
जीवन में आप जितने कष्टों और विपत्तियों का विरोध करेंगे, उतना अधिक ही वे आपको परेशान करेंगी. जितना अधिक आप उनको स्वीकार करेंगे, उतनी अधिक आसानी से वे आपको छोड़ देंगी.
सफल व्यक्ति हमेशा आगे की सोचता है. अगर वह किसी विषय या वस्तु के अवलोकन या मूल्यांकन में समय लगाता है, तो वह भविष्य में उससे लाभ हो सकने की संभावनाओं पर भी सोचता है.