सुविचार 309

कोई काम करने और उसे पूरा करने का कोई अन्त नहीं है, हम काम करते जाते हैं और आगे आने वाली पीढ़ियाँ उसमे सुधार कर कुछ और नया करती जाती हैं. इस संसार में सीखने का कोई अन्त नहीं है.

मस्त विचार 356

 लोहा नरम होकर औजार बन जाता है,

सोना नरम होकर जेवर बन जाता है !

मिट्टी नरम होकर खेत बन जाती है,

आटा नरम होता है तो रोटी बन जाती है !

ठीक इसी तरह अगर इंसान भी…

नरम हो जाये तो लोगो की दिलों में,

अपनी जगह बना लेता है.

मस्त विचार 354

तेरे ग़रूर को देख कर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने….

ज़रा हम भी तो देखें कौन चाहता है तुम्हें हमारी तरह…

सुविचार 308

दुनिया आपको उस वक़्त तक नहीं हरा सकती, जब तक आप स्वयं से ना हार जाओ.

 

सुविचार 307

ज्ञान हम को करना और बोलना सिखाता है और हमारे कर्मों एवं शब्दों को एक रंग में रंग देता है.

सुविचार 306

हम चिन्ता करेंगे तो भटक जायेंगे और चिन्तन करेंगे तो भटके हुए को रास्ता दिखायेंगे.

सुविचार 305

अगर आप चाहते हैं कि लोग आपको पसंद करें, तो आपको भी औरों को पसंद करना होगा, उनका सम्मान करना होगा. ऐसा करना कठिन भी नहीं है. अगर आप खोजेंगे, तो हर एक इनसान में कुछ- न- कुछ ऐसा मिल जाएगा, जो स्वीकार करने योग्य होगा. आप उसके उन्हीं गुणों को पसंद करें और उन्हीं के आधार पर उसे सम्मान दें. आप देखेंगे कि उनमे भी आपके इस व्यवहार के कारण बड़ा बदलाव आया है और उन्होंने अपनी कई कमियों को केवल इसलिए दूर कर लिया है कि आप उनका सम्मान करते हैं. फिर वे आपको और भी पसंद करने लगेंगे और पहले से ज्यादा सम्मान देने लगेंगे. अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए आपको दूसरों को पसंद करने और उनका आदर करने की अपनी आदत को विकसित करनी होगी.

मस्त विचार 353

गालों पे आंसूओं की लकीर बन गई.

सोचा न था ऐसी तक़दीर बन गई.

हमने तो रेत पे ऊँगली फिराई ही थी,

देखा तो आपकी तसवीर बन गई.

Collection of Thought 057

I’m a great believer in luck, and I find the harder I work the more I have of it.

मैं भाग्य में बहुत बड़ा विश्वास रखता हूं, और मुझे लगता है कि मैं जितना अधिक मेहनत करता हूं, उतना ही अधिक मेरे पास होता है.

 

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