सुविचार 464
सुधार प्रारम्भ करना, क्रान्ति का आरम्भ करना है.
लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता कि
वे क्या बदल सकते हैं —
—मैंने अपने जीवन को बदला है.
_ क्योंकि वक़्त नहीं लगता, लोगों को अब, किसी के दर्द का मज़ाक बनाने में ..
_ दर्द सिर्फ़ अपने होते हैं, दिल में रखने पड़ते हैं ..
मैं जीना चाहता हूँ यारो मुझे मोम ना करो !!