मस्त विचार 346
मंजिल मिलती नही ,राह पर रूक जाने से ,
भरोसा रखना खुद पर और उस रब पर,
सब कुछ देता है,वो वकत आने पर ,
मंजिल मिलती नही ,राह पर रूक जाने से ,
भरोसा रखना खुद पर और उस रब पर,
सब कुछ देता है,वो वकत आने पर ,
मुझे तो सिर्फ तेरा ख़याल रहता है…
मैं रोता नहीं हूँ,
जब आँसू मिलते हैं,
लगता है एहसान किया उसने.
घबराता हूँ,
जब आँसू नहीं निकलते,
लगता है कोई खता की मैंने.
आँसू दे कर एहसान किया है.
मैं रोता नहीं हूँ.
जब- जब यार की गली से गुजरना.
मेरे यार की खुशबू से महक, घर मेरे तू ले कर आना.
वरना हमतो उनमे से हैं …..
जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नहीं होने देते … ।”
पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं,
हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है,
कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं.
नदी तो कुछ नहीं बोली, किनारों ने सताया है.