मस्त विचार 346

खुशियाँ मिलती नही ,मागँने से ,

मंजिल मिलती नही ,राह पर रूक जाने से ,

भरोसा रखना खुद पर और उस रब पर,

सब कुछ देता है,वो वकत आने पर ,

सुविचार – Bamboo – 285

Lucky Bamboo के साथ..

_“जो अनावश्यक है, मैं उसे छोड़ रहा हूँ.”
_ “जो सादा है, वही मेरे लिए पर्याप्त है.”
_ “कम में पनपना भी एक कला है.”
_ “सीधा होना ज़रूरी नहीं, जीवित होना ज़रूरी है.”
_ “जो टिकता है, वही सच में बढ़ता है.”
_ “मैं भी थोड़ा-सा बाँस हूँ..- झुकता, पर रुकता नहीं.”
_ यह पौधा यह नहीं सिखाता कि और क्या बनना है,
_ यह याद दिलाता है कि
क्या छोड़ देने से भी जीवन हल्का हो सकता है.!!

मस्त विचार 344

किसकी याद में रोता है दीवाने ?

मैं रोता नहीं हूँ,

जब आँसू मिलते हैं,

लगता है एहसान किया उसने.

घबराता हूँ,

जब आँसू नहीं निकलते,

लगता है कोई खता की मैंने.

आँसू दे कर एहसान किया है.

मैं रोता नहीं हूँ.

सुविचार 284

अगर आपके मन में गड़बड़ है तो, उसको ठीक करने की जिम्मेदारी भी आप ही को उठानी होगी.

मस्त विचार 343

ऎ आजाद हवाओं, गुजारिश करता हूँ तुम से.

जब- जब यार की गली से गुजरना.

मेरे यार की खुशबू से महक, घर मेरे तू ले कर आना.

मस्त विचार 342

ये तो जिंदगी की कशमकश मे थोड़ा उलझ गये है दोस्तों,

वरना हमतो उनमे से हैं …..

जो दुश्मनों को भी अकेला महसूस नहीं होने देते … ।”

मस्त विचार 341

दुनियादारी में हम थोड़े कच्चे हैं,

पर दोस्ती के मामले में सच्चे हैं,

हमारी सच्चाई बस इस बात पर कायम है,

कि हमारे दोस्त हमसे भी अच्छे हैं.

सुविचार – Altu-faltu Baatein – आलतु–फालतू बातें – 283

सबसे ज़्यादा altu-faltu बातें वो होती हैं, जो सुनने में ज़रूरी लगती हैं पर ज़िंदगी में कुछ जोड़ती नहीं.

जैसे –
_ लोग क्या कहेंगे — बिना ये देखे कि वो लोग खुद क्या और कैसे जी रहे हैं ?
_ तुलना [Comparison] — किसी और की reel से अपनी real life तौलना.
_ स्टेटस [Status] और image [इमेज ] की चिंता — जबकि अंदर सब बिखरा है.
_ Future का बेकार anxiety — जिस पर हमारा control ही नहीं.
_ Past को बार-बार घूमना — जिससे कुछ सीखा नहीं जा रहा.
_ हर बात पर opinion देना — बिना experience के.
_ Busy दिखना — productive होने के नाम पर.
_ झूठी positivity — जब अंदर सब थका हो.
_ ज़रुरत से ज़्यादा समझना — लोगों को समझना ही नहीं चाहते.
Altu-faltu बात की पहचान simple है :
_ जो आपको ज्यादा शोर दे, पर जरा-सी भी स्पष्टता [clarity] न दे.
_ मेरे जैसे लोग अक्सर इसी शोर से थक जाते हैं..-
_ इसलिए ये कम बोलते हैं, गहरा सोचते हैं, और बेकार बातों से स्वाभाविक [naturally] रूप से दूर हो जाते हैं.!!
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