सुविचार 411
हमें ये समझना होगा कि आज दुनिया में जितने भी आविष्कार हुए हैं. जितने भी प्रोडक्ट हम इस्तेमाल कर रहे हैं, किन्ही के दिमाग़ में एक आइडिया आया और उन्होंने उस पर काम शुरू किया. इसलिए वह चीज साकार हो पायी.
दोस्ती और इबादत में बस नियत साफ़ रखना.
_ जीवन को मजे के रूप में लें – क्योंकि यही ठीक है !
ऐसा ना हो के खुद से भी बिछड़ जाऊं और तू भी ना मिले….
पता ही नहीं ज़िन्दगी साँसों से चल रही है या तेरी यादों से.
जिधर भी देखूँ,,,,,,”तू-ही-तू” बिखरी पड़ी है..
कुछ लोग फिर पेश आ रहे हैं बहुत प्यार से….!!