सुविचार 448
ज़िन्दगी की जिम्मेदारी कोई डरावनी चीज नहीं है, वह आनन्द से ओत- प्रोत है.
बस तेरी मुसकुराहट, देख कर समझ जाता हूँ ,,,,,,,कि
मेरी तकदीर बुलंद हैं,,,,,
लेकिन यकीन करो,
ज़िन्दगी तब और बेहतरीन हो जाती हैं,
जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं.
दिल में गुजरी बातों के सिवा कुछ भी नही.
तु जहाँ भी रहे सदा मुसकुराते रहो,
मेरे लब पर दुआओ के सिवा कुछ भी नही.
बैठ के अपनी सोच तुझे किसी और से क्या !
बस, उस की यादें सताती हैं.
उस की दूरी का कोई गम नहीं हम को.
बस, जरा सी पलकें भींग जाती हैं.
ऐ हवा, उस से कहना हम खुश हैं.