मस्त विचार 374
अब कोई आरजू नहीं बाकी…….
जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो……..
जुस्तजू मेरी आखरी तुम हो……..
नफरत उनसे करो जो भूलना जानते हो,
गुस्सा उनसे करो जो मनाना जानते हो,
प्यार उनसे करो जो दिल लुटाना जानते हो ।
तू मेरी खवाहिशो को कम कर दें.
एक पल की दूरी में रो जाते हैं.
ऐ यार..हमें इतना बता दो कि हम ही ऐसे हैं,
या आपसे प्यार करने के बाद सब ऐसे हो जाते हैं…
ज़िन्दगी जंग है, इस जंग को जारी रखिये.
कितने दिन जिन्दा रहे इसका क्या गिनना.
किस तरह जिन्दा रहे, इसकी शुमारी रखिये.
अपनी हालत पे मुझे खुद भी हंसी आती है.
कभी हम महक जाते हैं तो कभी बहक जाते हैं!!