सुविचार – जीवन अनमोल है – 345

जीवन अनमोल है, इसके हर एक पल को ख़ुशी के साथ गुजारें.
तुम अपने आप को क्या समझते हो ?

_ एक अकेली आत्मा जिसे यह नहीं पता कि सब कुछ कैसे ठीक किया जाए ;

_क्योंकि जहाँ भी आप देखते हैं, आप देखते हैं कि लोग आपको पीछे छोड़कर अपने जीवन में आगे बढ़ रहे हैं _ और आप स्वयं को फँसा हुआ महसूस करते हैं;

आप नहीं जानते कि जीवन नामक इस चीज़ से कैसे बाहर निकला जाए ;

_ और अब न तो तुम किसी से प्रेम करते हो, न तुम चाहते हो कि कोई आकर तुम्हें थामे.!!

_आप बस समय के साथ बेहतर होना चाहते हैं और समय आपकी सोच से भी तेज़ चलता है; आप वर्षों को महीनों में बिता देते हैं ;

_ आप लोगों को और खुद को यह समझाने की हर कोशिश करते हैं कि आपके अंदर क्या चल रहा है, _ लेकिन आप असफल होते हैं..!

— लेकिन इसे कैसे ठीक करें ? समाधान कहीं दिखाई या ज्ञात नहीं है ? क्योंकि कोई नहीं जानता, _क्योंकि हर कोई इसी दौर से गुजर रहा है…_ फिर भी, हम इसे ख़त्म नहीं करते;

हम इसके साथ रहते हैं, शिकायत करते हुए कि _कुछ भी बेहतर नहीं होने वाला है..!!

“_लेकिन सच तो यह है कि जब तक आप बेहतर बनने की कोशिश नहीं करेंगे, तब तक कुछ भी बेहतर नहीं होगा.”

_ इसलिए अपने आप से वादा करें कि आप अपने बारे में किसी भी तरह से कम नहीं सोचेंगे.!!

_यदि आप अकेले हैं, तो इसे स्वीकार करें और इस बात की चिंता किए बिना कि कोई आपको आंकेगा, वह सब कुछ करें _जो आप कर सकते हैं.!!

_वहाँ कोई नहीं है, जैसा कि आप पहले से ही जानते हैं, और कोई भी आपको बचाने नहीं आएगा..!!

__ “आप इस महासागर में अकेले हैं; यह आप पर निर्भर है कि आप डूबना चाहते हैं या तैरना..” – पंसद आपकी –

सुविचार 344

यदि प्रसन्नता स्वभाव में बस गई है तो रोग, शोक दूर से ही भाग जाएंगे.

मस्त विचार 377

एक दिन किसी ने मुझ से पूछा

तू अपने यार में इतना क्यों खोया है ?

तब मैंने उन से कहा

उसी ने तो हँसना सिखाया है

वरना जो भी मिला उसी ने रुलाया है.

मस्त विचार 376

 “उदास होने के लिए उम्र पड़ी है,

“नज़र उठाओ सामने ज़िंदगी खड़ी है,

“अपनी हँसी को होंठों से न जाने देना!

“क्योंकि आपकी मुस्कुराहट के पीछे दुनिया पड़ी है…!!!

सुविचार 343

उम्मीद अपने आप में एक सम्पूर्ण पैकेज है, जो अपने साथ नया जोश, कामयाबी और खुशियों की सौगात लेकर आती है.
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