मस्त विचार 297
Taste करो तो भी पिघलती है और waste करो तो भी.
इसलिए life को taste करना सीख लो,
वरना waste तो हो ही रही है.
Taste करो तो भी पिघलती है और waste करो तो भी.
इसलिए life को taste करना सीख लो,
वरना waste तो हो ही रही है.
मैंने पेड़ों को प्यासा देखा है, सावन की धुप में,
घुलमिल के बहुत रहते हैं, लोग जो शातिर हैं बहुत
मैंने अपनों को तनहा देखा है, बेगानों के रूप में !
बिन बुलाया मेहमान बनना, मेरी आदत नही…!
मैं अपने गम में रहता हूँ, नबाबों की तरह,
परायी ख़ुशी के पास जाना, मेरी आदत नही…!
सबको हँसता ही, देखना चाहता हूँ मै,
किसी को धोखे से भी, रुलाना मेरी आदत नही…!
बांटना चाहता हूँ तो बस, प्यार और मोहब्बत,
यूँ नफरत फैलाना, मेरी आदत नही…!
ज़िदगी मिट जाये, किसी की खातिर गम नही,
कोई बद्दुआ दे मरने की, यूँ जीना मेरी आदत नही…!
सबसे दोस्त की हैसियत से, बोल लेता हूँ,
किसी का दिल दुखा दूँ,मेरी आदत नही…!
दोस्ती होती है, दिलों के चाहने पर,
जबरदस्ती दोस्ती करना, मेरी आदत नही..!
अगर दोस्ती दौलत है…
तो हम इस शहर के, सबसे अमीर इंसान है……
पहचानो उस शक्ति को , जो छुपी तुम्हारे अंदर है .
मै तो हूँ बेवकूफ़ तू समझदार है.
ज़िन्दगी की नैया को तू ही संभालना.
तू ही तो मेरा तारणहार है.
क्योंकि
जीतने का मज़ा तब है, जब हारने का रिस्क हो.
तू मिल गया मुझे कोई प्यास नहीं.
तू पिलाते ही रहना मै पीता रहूँगा.
तेरा साथ अब मै कभी ना छोडूंगा.