मस्त विचार 262
पूरी कहानी है, जिसे ढोया है मैंने सालों से एक बोझ कि तरह.
पूरी कहानी है, जिसे ढोया है मैंने सालों से एक बोझ कि तरह.
बातें ऐसे कीजिए जिनमे हो अमृत्त भरा.
मीठी बोली बोल सब को प्रेम से पुकारिए.
कड़वे बोल बोल के न ज़िन्दगी गुजारिए.
हँसते- मुस्कुराते हुए ज़िन्दगी गुजारिए.
सागर से नदियाँ भली, जो सब की प्यास बुझाय.
जिनको मेरी तरह गम ने मारा होगा.
किनारे पर खड़े लोग क्या जाने,
डूबने वाले ने किस किस को पुकारा होगा.
एक दिन एहसास हुआ…..
खुश तो वो लोग थे जो खुशियां बांट रहे थे.
जीत जाओ तो अपने पीछे छूट जाते है,
और हार जाओ तो अपने ही पीछा छोड़ देते है.
वो दुश्मन अच्छा है, जो खामियों पर नजर रखे.
आज फिजाओं ने छेड़ा राग है.
आज बहारों ने भी बरसाए फूल हैं.
आज तारों ने भी सजाया आसमान है.
आज मन की भी मीत से हुई बात है.
आज मेरे मन में उल्लास है.