Quotes by Carl Sandburg
मस्त विचार 107
_ जब खोने के लिए कुछ नहीं रहता !
मस्त विचार 106
तुम्हे दूर से, उसे पास से देखा है.
तू दीखता नहीं, उसे आँखों से देखा है.
फर्क सिर्फ इतना है तुझमे और उसमे.
उसे आँखों से और तुझे दिल से देखा है.
मस्त विचार 105
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है.
मस्त विचार 104
पहचानने लगा हूँ, तुम्हारी नजर को मैं.
मस्त विचार 103
मस्त विचार 102
ख़ुशी में रो पड़ोगे और ग़मों में मुस्कुराओगे.
मस्त विचार 101
या तो डायरियों में दर्ज़ है _ या चुप्पियों में कैद …!
मस्त विचार – एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया – 100
बीत रहा हर लम्हा आपकी दोस्ती के साये में, कुछ इस तरह कायल आपने दोस्ती का बना लिया.
इन लकीरों में आपका नाम छुपा था, मेरी तक़दीर में अनजाने दोस्त का पैगाम भी छुपा था.
बरसी इनायत इस कदर ख़ुदा कि मुझ पर, कि फूल-सा दोस्त मेरे भी आंगन में खिला दिया.
आपकी दोस्ती से मुझे एक जूनून मिला है, गिरती ठोकरों में उठाते हाथ का सकून मिला है.
डूब जाती है हर उठती लहर इस दोस्ती कि गहराई में, मेरी कश्ती जो तैरा दे, ऐसा दोस्त दिया है.
अँधेरे में आपने एक दीप जलाया है, कुछ टूटे सपनो को, फिर इन आँखों में सजाया है.
रोशन है हर राह मेरी आपके नूर से, कि हर राह को रोशन करता चाँद, फलक पर बैठा दिया.
अरज है मेरी आपसे दूर न होना, मेरी किसी ख़ता से रूठ मत जाना.
आपकी दूरी से कहीं बिखर न जांऊ मै, कुछ ऐसा कायल आपने अपनी दोस्ती का बना लिया.
कि एक जाम ख़ुदा ने दोस्ती का पिला दिया.






