सुविचार – मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें.. – 243

मैं चाहता ही नहीं कि हम कभी मिलें..

_ क्योंकि मुझे लगता है कि यह कसक, यह इंतज़ार यही तो हमारी पहचान है..
_ मुलाक़ात हो जाएगी तो शायद यह बेचैनी ख़त्म हो जाएगी, और मुझे डर है कि फिर दिल इतनी शिद्दत से तुम्हें पुकारना छोड़ देगा..
_ कुछ रिश्ते पूरे नहीं होते, फिर भी अधूरे रहकर ज़्यादा खूबसूरत लगते हैं..
_ शायद हमारा रिश्ता भी वैसा ही है..
_ जहाँ मिलने की ख्वाहिश से ज़्यादा ना मिलने की कसक, दिल में हमेशा ज़िंदा रहनी चाहिए…!

मस्त विचार 254

अब आपने पिला दिया वो जाम प्यार का.

जो अब छूटने से भी नहीं छूटेगा.

अब आपने दे दिया वो सहारा.

जो छूटने से भी नहीं छूटेगा.

अब आपने दे दिया है वो प्यार.

जिसके बिना अब हम अधूरे हैं.

मस्त विचार 253

ज़िन्दगी से प्यार करना तुम ने सिखाया,

ज़िन्दगी में खुश रहना तुम ने सिखाया,

ज़िन्दगी में मस्त रहना तुम ने सिखाया,

बस, तुम्हारे बिना कैसे जिऊँ, ये न सिखाया.

मस्त विचार 252

झूठा अपनापन तो हर कोई जनाता है.

यकीन मत करना हर किसी पर, क्योंकि

करीब है कितना कोई यह तो वक़्त ही बताता है.

मस्त विचार 251

खुश होता है मन मेरा, देख कर आपकी मुस्कुराहटें.

जो हम चले भी गए, तो आप उदास न होना.

ज़िन्दगी रूकती नहीं, किसी के चले जाने से.

बीच सफर में साथ छूट भी जाए तो,

आप उदास न होना.

मंजिलें मिला नहीं करती यहाँ सबको.

जो साथ मेरा छूट भी जाए तो,

आप उदास न होना.

वक़्त हर पल लेता है यहाँ सब का इम्तहान.

बिगड़े हालात जो आप पर मुस्कुराए,

तो भी आप उदास न होना.

मस्त विचार 250

धन्यवाद है तुम्हे, धन्यवाद है तुम्हे.

तूने जोड़ दिया है मुझे, दिव्य प्रेमियों के समूह संग.

मेरा तड़पना कब शुरू हुआ, पता नहीं.

मै तो व्यस्त था, दुनिया के कामों में.

पर घर वापसी की चाह छूटी न कभी.

एक दिन थक गया, कोई शक्ति न रही.

मुझे उठा लिया अचानक तेरे दिव्य प्रेम ने.

इस रहस्य को कैसे कहूँ.

बस इतना ही कह सकता हूँ.

धन्यवाद है तुम्हे, धन्यवाद है तुम्हे.

मस्त विचार 248

नफरतों का लिखा बदलना है, हमको आवो- हवा बदलना है.

अब हमें रास्ता बदलना है, हमको अपना पता बदलना है.

मस्त विचार 246

तुझ से दूरी का एहसास सताने लगा,

तुझ संग गुजरा हर लमहा याद आने लगा,

जब भी तुझे भूलाने की कोशिश की,

तू तो और भी करीब लगने लगा.

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