मस्त विचार 099
मन में छिपा एक आसमान है,
जो इस जमीं से दोगुना है,
रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,
बस एक मौका पाना है,
बाँध ली है गाँठ मन में,
जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.
मन में छिपा एक आसमान है,
जो इस जमीं से दोगुना है,
रोशन कर दूंगा इस दुनिया को,
बस एक मौका पाना है,
बाँध ली है गाँठ मन में,
जो अन्दर है उसे बाहर लाना है.
जज्बा रखो जीतने का,
क्यूंकि किस्मत बदले न बदले पर वक़्त जरूर बदलता है.
भर लूँगा मै हर खुशियां, अपने दामन में.
और जहाँ से गुजरते हो,
उस जगह जिन्दगी के क़दमों के निशान छोड़ जाते हो.
चलो छोड़ो फूलों को, काँटों से महक जाओ.
वो चला है, जिसे अपना भी पता याद नहीं.
इस उम्मीद से कि ये नये रंग,
कुछ मेरी जिन्दगी भी बदल देंगे,
कुछ खुशियां जीवन में भर देंगे,
इस बार इन नये रंगो से खेलूँगा,
अँधेरों को छोड़कर उजालों से मिलूंगा.
भली मालुम होती है बुरी महसूस होती है,
जो हाजिर है कभी उन पर तबज्जो ही नहीं जाती,
नहीं जो सामने उसकी कमी महसूस होती है.