मस्त विचार 091
अदब से कही गई, हर बात का वजन होता है.
अदब से कही गई, हर बात का वजन होता है.
कुछ मुश्किलें इधर भी हैं, उधर भी.
कहने को बहुत कुछ है, मगर किसे कहें हम.
कब तक यों ही खामोश रहें और सहें हम.
मन करता है दुनिया कि हर रस्म उठा दें.
दीवार जो दोनों तरफ है, आज गिरां दे.
पर कुछ मजबूर हालात इधर भी है, उधर भी.
आज मैं समझदार हूँ, इसलिए खुद को बदल रहा हूँ.
आप खोजने लग जाओ तो पाने को बहुत है.
वो हँसा नहीं सकते , हम रुला नहीं सकते .
साथ इतना खूबसूरत है हमारा .
वो बता नहीं सकते , और हम जत्ता नहीं सकते .
लेकिन सच तो यह है कि आपके द्वारा सोची गयी हर बात, वह चाहे अच्छी हो या बुरी, ब्रह्माण्ड में जाती है और उस व्यक्ति से टकरा कर आपके पास उसी रूप में वापस आती है.
“आसमां में मत दूंढ अपने सपनो को…
सपनो के लिए तो ज़मी जरूरी है,…
सब कुछ मिल जाए तो जीने का क्या मज़ा,…
जीने के लिये एक कमी भी जरूरी है”..
पर बे- वजह खुश रहने का मज़ा ही कुछ और है .