मस्त विचार 4237
” मैं तुम्हें कभी हारने नहीं दूंगा,
अगर तुम जो अपनेआप में ठहर जाओ, “
अगर तुम जो अपनेआप में ठहर जाओ, “
तेरे ही लिखे हुए अफ़साने का किरदार हूँ मैं….!!
_ और उसका एक ही परम मंत्र है, प्रयास प्राप्ति तक, और विधि है, परिपूर्ण प्रकिया,”
खुशी का रहस्य है अपने आशीर्वादों को गिनना जबकि दूसरे अपनी परेशानी बढ़ा रहे हैं.
जिसका खुद के सिवा कोई गवाह ना हो !!