मस्त विचार 007

मुझको किताबों में कहाँ ढूँढोगे,

मै तुम्हारे ही मन पर लिखा अफ़साना हूँ.

मुझको पेड़ की शाखाओं में कहाँ पाओगे,

मै फूलों में छिपा खुशबू का खजाना हूँ.

नदिया में समन्दर में नहीं मिल सकता,

मै बहते हुए झरनों का ठिकाना हूँ.

दो कदम साथ तो चल कर देखो,

मेरे यार मै हमसफ़र बड़ा मस्ताना हूँ.

मस्त विचार 006

कैसे तुम को मैं बताऊँ.

मेरे मन के मीत हो तुम.

दूर नहीं पास हो तुम.

पास नहीं एहसास हो तुम.

तुम क्या जानो, तुम क्या हो.

कब तक मैं ऐसे जीऊँ.

कब तक आँसू यूँ छलकाऊँ.

मेरे जीवन का हर पल तुम्ही हो.

इस को यूँ मत व्यर्थ गँवाओ.

अब तो आ जाओ, कैसे मैं तुम को बताऊँ.

मस्त विचार 005

तुम क्यूँ नहीं नजरें मिलाते हो.

पास अपने क्यूँ नहीं बुलाते हो.

हर वक़्त तुम बहोत याद आते हो.

सही हुआ कि गलत पता नहीं,

पर मन में तुम्ही को बैठा बैठे.

तुम क्यूँ नहीं नजरें मिलाते हो.

 

मस्त विचार 004

नशा चढ़ा है क्या उतरेगा ?

पल में ही तूने कैसी प्रीत जगा दी.

मधुर- मधुर मुस्करा कर तुमने

मन में कैसी लगन लगा दी.

नशा चढ़ा है क्या उतरेगा ?

मस्त विचार 003

एक मुलाकात अपनों से कर ली.

एक अर्से बाद

अपनों से मुलाकात हुई

वे वैसे नहीं लगे

जैसे मेरी याद में हैं

अब तो अपनों से मिलना भी

अपने आप को दुःखी करना है

यह सब जानते हुए भी

एक मुलाकात अपनों से कर ली.

 

मस्त विचार 002

रिश्ते वो नहीं, जिस में रोज बात हो.

रिश्ते वो भी नहीं, जिस में रोज साथ हो.

रिश्ते तो वो हैं जिस में, कितनी भी दूरियाँ हों,

लेकिन मन में हमेशा उन की याद हो.

 

सुविचार 197

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बदकिस्मती में खुशनुमा बदलाव के अवसर छिपे होते हैं. अगर आपके हिस्से में अत्यधिक परेशानियाँ आयी हैं, तो शायद यह इस का घोतक है कि आपको किसी महान कार्य के लिए तैयार किया जा रहा है.

सुविचार “ज़िंदगी के 4 कड़वे सच” -196

“ज़िंदगी के 4 कड़वे सच”

(1). आप कभी किसी को, संतुष्ट नहीं कर पाओगे.
(2). आपकी जिम्मेदारी, कभी खत्म नहीं होगी.
(3). दूसरों के लिए कितना भी जी लो, कोई आपकी कद्र नहीं करेगा.
(4). आप चाह के भी किसी की ज़िंदगी नहीं बदल सकते.. क्योंकि उसे उसके कर्मों का फल मिल रहा है.
_ इसलिए चिंता छोड़ो ..अपने लिए थोड़ा जी लो.!!

सुविचार – इन प्रश्नों पर बराबर विचार करते रहना चाहिए – 195

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इन प्रश्नों पर बराबर विचार करते रहना चाहिए ——- >

*  समय कैसा चल रह है ?

*  कौन मेरा हितैषी है ?

*  मेरी आमदनी क्या है और खर्च क्या है ?

* ऋतु कौन- सी है और इसमें कैसा आहार- विहार होना चाहिए ?

* मेरा सामर्थ्य क्या है और मैं कर क्या रहा हूँ, मेरे कार्यों का परिणाम क्या होगा ?

* आज मैंने कितना समय नष्ट किया और कितने समय का सही उपयोग किया ?

* आज मैंने कितनी गलतियाँ की ?

* कितने काम बुरे व अच्छे किए ?

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