Collection of Thought 050

14171622107_31bed98818

Make peace with your Past, So it does’nt spoil your Present.

अपने अतीत के साथ शांति बनाएं, ताकि यह आपके वर्तमान को खराब न करे.

 

 

 

सुविचार – धूर्त, शरारती, शातिर, कपटी, धोखेबाज़, छल, छली, मक्कार – 193

14341771992_37e0cd84f3

धूर्त व्यक्ति कई बार अपनी धूर्तता छिपाने के लिए लिबास और अल्फाजों का सहारा लेता है,

_ कोई आपको खूबसूरत/अतरंगे लिबास में दिखे या भारी-भरकम अल्फाजों के साथ मिले तो एक बार उस पर शक जरूर कीजियेगा.!!
धोखेबाज पहले लालच का जाल फैलाता है और फिर बात-बात पर कसम खाता है.!!
“छल और चालाकियाँ जीवन को रोचक बना सकती हैं, पर अर्थपूर्ण नहीं”
मासूमियत में हुई ‘भूल’ माफ हो जाती है,
_ पर साज़िश से किया गया ‘छल’ दिल पर गहरे घाव देता है.!!
अयोग्य और अकुशल लोगों के साथ रहना बेहतर है,
_ लेकिन धूर्त और बेहद मक्कार लोगों के साथ एक पल भी नहीं बिताना चाहिए.!!
जीवन मे छल करने वालों को कभी माफ नही करना चाहिए.

_ वो रोये, गिड़गिड़ाए, धमकाएं या लालच दें.
_ उन्हें बिल्कुल माफ नही करना चाहिए.
_ अगर, मगर, लेकिन, किन्तु, परन्तु से कोई मतलब नही.
_ मानवता सिर्फ श्रेष्ठ मानवों के लिए होती है, दो कौड़ी के लोगो के लिए नही.!!

सुविचार 192

k

काम ऐसा करो कि एक पहचान बन जाए. हर कदम ऎसा चलो कि एक निशान बन जाए. यहाँ ज़िन्दगी तो सभी काट लेते हैं, ज़िन्दगी जियो ऎसे कि एक मिशाल बन जाए.

 

 

सुविचार – सपना – स्वप्न – सपने – सपनों – 191

7075287969_a498014d94

लोग चार किस्म के सपने देखते हैं : —->
१. कुछ लोग कभी सपने नहीं देखते – ये भटकने वाले लोग हैं.
२. कुछ लोग सपने तो देखते हैं, परन्तु अपने दम पर कभी उन का पीछा नहीं करते — ये अनुयायी हैं.
३. कुछ लोग सपने देखते हैं, उन का पीछा करते हैं — ये सफल लोग हैं.
४. कुछ लोग सपने देखते हैं, उन का पीछा करते हैं और यही सपना देखने में दूसरों की मदद करते हैं — ये लीडर्स हैं.
“सपनों का पीछा कीजिए, लेकिन अपने आज को कुचलकर नहीं”

_ ज़िंदगी केवल मंज़िल नहीं है, यह रास्ता भी है ✨ और वो रास्ता भी सुंदर होना चाहिए. 🌿
_ थोड़ी बचत ज़रूरी है 💰 पर थोड़ा जिया हुआ वर्तमान भी..❤️
_ कहीं ऐसा न हो कि जब सब कुछ मिल जाए, तो साझा करने वाला कोई न बचे..🤝
_ इसलिए आज को जिएं 😊 कल को सहेजें 🌅 और दोनों में संतुलन बनाएं.. ⚖️
_ क्योंकि ज़िंदगी वो है ‘जो अभी चल रही है’ ⏳ न कि जो एक दिन आएगी.!! 🌠
— NEHA CHANDRA
सपने ज़रूर देखने चाहिए भले वो आपके आस पास के लोगों को समझ आएं ना आएं,
_ क्योंकि अगर सपने नहीं देखोगे तो कोशिश भी नहीं करोगे कोशिश नहीं करोगे तो आगे कैसे बढ़ पाओगे..

– Rhythm Raahi
कभी-कभी हम जागते हुए सपने देखते हैं, जिसके बारे में हमे पता होता है ये कभी सच नहीं होगा, फिर भी अच्छा लगता है, उस सपने को सोचना..

_ बस इन्ही सपनों के सहारे भी कई जिंदगियां गुजर जाती हैं कि किसी दिन कोई चमत्कार होगा और सब ठीक होगा…!

कभी-कभी, जब हम अपने सपनों के टूटने पर रोते हैं, तो वास्तव में रब उन्हीं सपनों के मलबे से हमारे लिए एक बड़ी सफलता का मार्ग प्रशस्त कर रहा होता है.!!
‘सपना बड़ा हो सकता है’, पर उसके पीछे अपनी पूरी ज़िन्दगी दांव पर लगाना जरुरी और सही नहीं..

_ ‘सपना बड़ा हो’ पर ज़िन्दगी उसके नीचे दब न जाए, जीत का मतलब होता है- अपनी ज़िन्दगी का control न खोना.!!

वो सपने अक्सर दम तोड़ देते हैं, जिन्हें हकीकत बनाने के लिए पसीना नहीं बहाया जाता.!!
सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन दूसरों के बल पर उन्हें पूरा करने की सोचना बुरी बात है.!!
बड़े सपने देखने वालों के दुख भी बड़े होते हैं.
जो सपने सच नहीं होते वो हकीकत में आने को तड़पते रहते हैं.
हम सब सपनों को देखते हैं, पर उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी नहीं लेते.!!
हर स्वप्न के लिए नींद चाहिए और हर नींद के लिए थकान..!!

Collection of Thought 049

Discipline is a virtue, which does not deviate from our objectives. Living in discipline ourselves deprived of freedom of many who might not appreciate us, but we do good to his own.

अनुशासन एक ऐसा गुण है, जो हमारे उद्देश्यों से विचलित नहीं होता है, _ अनुशासन में रहते हुए हम कई लोगों की स्वतंत्रता से वंचित हैं जो हमारी सराहना नहीं कर सकते हैं, लेकिन हम अपने स्वयं के लिए अच्छा करते हैं.

 

 

 


 

 

सुविचार 189

बुद्धिमान सोच विचार करके ही कोई काम करतें है, पर मूर्ख पहले काम कर लेते हैं फिर विचार करते हैं.

सुविचार – सड़क – मार्ग – पथ – पंथ – रोड – Road – 188

f

हमें लगता है की हम पहुंच गए, दअरसल हम पहुंच कहीं नहीं रहे होते, बस सड़क बदलती रहती है.

_ घर बना भी लें तब भी घर में इतनी ताकत नहीं कि वह सड़क और यात्रा की नियति को रोक सके.
_ हर घर सड़क के लिए एक तरह का अतिक्रमण है.
_ “हर घर सड़क के बीच में ही होता है”,
_ नितांत अकेला…
_ ढेर सारे घर भी अकेले अकेले, अकेले ही होते हैं.
_ “घर कभी सड़क को रोक नहीं सकता”
_ “हमारी नियति है सड़क पर होना”।
_ “हम सब रचना के रूप में सड़क के यात्री हैं”
_ यात्री हैं यही मान लेना शुभ है, सुखद है, घर के बाशिंदे हो जाने में घोर दुःख है क्षोभ है, याद है, ढेरों फरियाद हैं.
_ फरियादी घर में बसेरा बनाकर फरियाद करने बैठता है, ले चलो.
_ राहगीर बस चलता रहता है.
_ सड़क ही घर है उसका, बशर्ते राह चलते चलते उसने घर की कामना न कर ली हो…
करते ही सारे दुःख, सारा खालीपन घर के कमरे के एक कोने में बैठ जाता है.
_ बार बार याद दिलाता है मैं हूं, यहीं हूं कहीं गया नहीं, जाऊंगा भी नहीं.
_ “सड़क होने पर दुख का कोना आसमान हो जाता है,
आसमान दुःख समेटता नहीं, कर देता है उड़न छू” 🐥
~अमित तिवारी
अस्तित्व
हाइवे के एक ढाबे पर बैठे बैठे मैं सोच रहा हूं कि मुझे हमेशा रास्ते ही रास्ते क्यों दिखते हैं, कोई मंजिल दिखती ही नहीं, मन चलने के बारे में या फिर चलते रहने के बारे में ही विचार करता रहता है…

_ कहां इसका मुझे ठीक से पता नहीं, बस चलते रहना चाहता है…
कोई मंजिल मालूम ही नहीं…बस रास्ते, रास्ते और रास्ते…
_ कभी कभी तो हाइवे पर मैं स्वयं को इतनी दूर देखता हूं कि मेरी छवि बहुत बहुत क्षुद्र दिखती है और दिखता है आकाश की तरह मुझ पर आच्छादित बड़ा सा रास्ता…
_ उस रास्ते में मैं ऐसे यात्रामय होता हूं जैसे कोई स्पेसक्राफ्ट यात्रा कर रहा हो अंतरिक्ष की…
~अमित तिवारी

सुविचार 187

14112737380_2c61976bbb

परिस्थितियों को दोष देते रहने के बजाय, सफलता के लिए प्रयास जारी रखें तो मंजिल मिल ही जाती है.

 

 

error: Content is protected