Quotes by Swami Vivekanand

A TEACHER IS ONE WHO CAN REACH UPTO THE LEVEL OF ANY STUDENTS.

Education is not the amount of information that is put into your brain and runs riot there.

Great things can be done by great sacrifices only. 

Work unto death-I am with you, and when I am gone, my spirit will work with you. 

The history of the world is the history of a few men who had faith in themselves.

They alone live who live for others.

All power is within you; you can do anything and everything. beleve in that, do not belive that you are weak. Stand up and express the divinity within you.

We are what our thoughts have made us.

He who struggles is better than he who never attempts.

Do not be afraid of a small begning great things come afterwards.

Take courage and work on. Paitence and steady work-this is the only way.

Truth alone gives strength.

Never tell yourselves or others that you are weak.

Never lose faith in yourself, you can do anything in this universe. Never weaken, all power is yours.

First make character – i,e the highest duty you can perform.

Fell that you are great and you become great.

No need of looking behind. FORWARD ! We want infinite energy, infinite zeal, infinite courage, and infinite patience, then only will great things be achieved.

God Gave Me Nothing I Wanted but He Gave Me Everything I Needed.

Every idea that strengthens you must be taken up and every thought that weakens you must be rejected.

The remedy for weakness is not brooding over weakness, but thinking of strength. Teach men of the strength tha is already within them.

We are responsible for what we are ; and whatever we wish ourselves to be, we have the power to make ourselves. If what we are now has been the result of our own past actions, it certainly follows that whatever we wish to be in future can be produced by our present actions ; so we have to know how to act.

Be free; hope for nothing from anyone. I’m sure if u look back upon your lives u will find that you were always vainly trying to get help from others which never came. All the help that has come was from within your selves.

First of all comes the gifts of FOOD; next is the gifts of LEARNING, and the highest of all is the gift of KNOWLEDGE. 

THE GIFT OF KNOWLEDGE IS THE HIGHEST GIFT IN THE WORLD. 

 

 

 

मस्त विचार 280

हिचकियों से एक बात का पता चलता है कि कोई हमें याद तो करता है,

बात न करे तो क्या हुआ

कोई आज भी हम पर कुछ लम्हें बरबाद तो करता है.

 

मस्त विचार 279

जिस दिन आप ने अपनी सोच बड़ी कर ली,

उस दिन से बड़े बड़े लोग आपके बारें में सोचना शुरु कर देगें. 

मस्त विचार 278

मेरी बरबादी पे तू जम कर जश्न मना पर याद

रख वक्त किसी का सगा नही होता………..

रोशनी तो वक्त के हिसाब से बदलती रहती है

हर जगह हमेशा अंधेरा नही होता………… 

मस्त विचार 277

जीने के लिए सोचा ही नहीं, दर्द संभालने होंगे…

मुस्कुराए तो, मुस्कुराने के कर्ज़ उतारने होंगे..!!!

मस्त विचार 276

ताश के पत्तों से ताज महल नहीं बनता;

नदी को रोकने से समुंदर नहीं बनता;

लड़ते रहो ज़िन्दगी से हर पल;

क्योंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता!

सुविचार – “”चमकीले पॉलिश्ड लोग”” – Shiny polished people – 247

“”चमकीले पॉलिश्ड लोग””

_ इनके पास तमाम विमर्श होते हैं, तमाम बातें जिनमें दुनिया भर का साहित्य होता है, सिनेमा होता है, कला होती है और होते हैं तमाम व्यंजनों, शराबों की बातें..
_ इनका पहनावा, इनके चलने फिरने, उठने बैठने के ढंग बेहद नफीस होते हैं और इनकी दोस्तियां बड़े और सम्मानित लोगों से होती हैं..
_ वह नाम जो आम नहीं ख़ास होते हैं.. उनके साथ इनका घरदारी का रिश्ता होता है,
_ वह चेहरे जो पेज थ्री पर दिखते हैं.. उनके साथ इनके याराने होते हैं..
_ कैसी झिलमिल सी हँसी होती इनकी, कैसा सुबुक सा रंग पहनते ये लोग..
_ कैसी तो क्राकरी, कैसी तो सजावट, कैसी तो कपड़ों की क्रीज होती इनकी….
_ इन्हें सुबह देखो तो ये सूरज से दमकते दिखते और सांझ में देखो तो सितारों से चमकते लगते.. इनमें आभा है, क्लास है, ग्रेस है..
_ इनकी दोस्तियों के लिए वजहें होनी चाहिए दुश्मनियां भले बेवजह हों इनकी..
_ इनका एक मजबूत इनर सर्कल होता है जिसको भेदा नहीं जा सकता
_ भले उसके बाहर खड़े होकर इन्हें देख देख मुग्ध हुआ जा सकता है, ताली बजाई जा सकती है, घबराया जा सकता है.
_ इनके साथ होने, इन्हें छूने, इनका दोस्त कहलाने के लिए बहुत सारे लोग प्रयासरत रहते हैं – पर यह नाक पर मक्खी नहीं बैठने देते..
_ यह हर जगह दिखेंगे वह चाहे सोशल मीडिया हो, चाहे साहित्यिक कार्यक्रम या कि सांस्कृतिक कार्यक्रम हो..
_ इनके गिर्द भीड़ होती है फॉलोअर की, प्रशंसकों की और एक दृष्टि अनुकम्पा की चाहने वालों की..
_ यह मृदुभाषी होते, मितभाषी होते हैं..एक पल यूं तपाक से मिलेंगे.. जैसे आप बचपन के बिछड़े सखा हों..
_ दूसरे पल यूं उकताए दिखेंगे.. जैसे आपने कुछ कीमती चीज मांग ली हो..
_ यह चमकते पॉलिश्ड लोग स्त्री भी हो सकती हैं और पुरुष भी..
_ यह जितना बोलकर हर्ट नहीं करते.. उतना अपनी सेलेक्टेड चुप्पियों से वार करते हैं..
_ आम लोगों को इनसे एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखनी चाहिए..
_ क्योंकि सितारे दूर से ही भले लगते हैं.. वह हथेली पर आते ही अंगारे बन जाते हैं..
_ मेरा ठीक है.. मैं खुद में ही डूबा रहता हूं, दुनिया के नज़ारे मेरे लिए अर्थहीन हैं..!!
– Mamta Singh
सौंदर्यबोध के लिए मन की रईसी चाहिए,

_ जब जीवन में सादगी हो, उल्लास हो, उत्सुकता हो, प्रकृति से साहचर्य हो तथा कलाकारों की सुहबत हो तभी सौंदर्यबोध पनप सकता है…
_ पहले जनजीवन में सादगी थी और सादगी का सौंदर्य था..मेहनत थी और उससे उपजा सुख था..
_ कच्ची ज़मीन को लीपकर और दीवारों को तालाब की चिकनी मिट्टी से पोतकर घर चमकाए जाते थे..
_ आले, ताखों के कटाव में ग़ज़ब का सौंदर्य होता था और खिड़की-दरवाज़ों की नक्काशी मोहक…
_ अब पक्के मकानों में वॉल पुट्टी से चिकनी दीवारों पर महंगे पेंट और प्लाई के डिजाइनर दरवाज़ों को देखकर मन में अजीब सी अरुचि उत्पन्न होती है..
_ तिसपर रही सही कसर प्लास्टिक के फूलों से पूरी हो जाती है..
_ अपने आसपास देखता हूँ तो अधिकारी, अध्यापक, व्यापारी, नेता सब दिखते हैं..
_ पर कोई चित्रकार, संगीतकार, नर्तक, मूर्तिकार नहीं दिखता…जो लेखक हैं उन्हें कोई नहीं जानता…
_ इतनी बड़ी जनसंख्या में कलाओं के प्रति उपेक्षा और मानसिक दरिद्रता के ही कारण कोई कलाकार नहीं उपजता..
_ हालांकि बड़े से बड़े रईस, बाहुबली, राजे महाराजे अभी भी शान से यहाँ पूजे जाते हैं.!!
– Mamta Singh
कुछ लोगों का जीवन झूठ और बड़बोलेपन से भरा होता है..

_ झूठ भी ऐसा कि जो आदत में शुमार हो और बिना ज़रूरत बोला जाता हो…
_ व्यक्तित्व पर, चेहरे पर, विचार पर, व्यवहार पर जब झूठ की परत चढ़ी हो तो एक झूठ को जस्टिफाई करने, छुपाने के लिए सौ झूठ और बोलने पड़ते हैं…
_ हालांकि सभी को चाहे अनचाहे कई बार झूठ बोलना ही पड़ता है, इसलिए इसे आपदा में भी बोलते हुए कोशिश करनी चाहिए कि झूठ आदत में शुमार न हो पाये..
_ मुझसे जो लोग आदतन झूठ बोलते हैं, भले दिखने की झूठी कोशिश करते हैं और यह समझते हैं कि मुझे उनका झूठ, फरेब समझ में नहीं आता तो यह उनकी भूल है..
_ मैं समझती सब हूँ पर ज़ाहिर इसलिए नहीं करती कि सामने वाले को शर्मिंदगी होगी…
_ मेरा जीवन सरल और सादा है इसलिए मुझे इसमें जोड़तोड़ करने, मैं जो नहीं हूँ उसे दिखाने, जताने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती सो इसमें झूठ की भी गुंजाइश न्यूनतम रहती है…
_ चालाकी, कुटिलता, कृपणता, झूठ, दिखावा, अहम, दोहरा तिहरा व्यक्तित्व, मीठी चापलूसी भरी वाणी यह सब मेरे सिलेबस के बाहर के विषय हैं, जो इनमें डॉक्टरेट हैं उन्हें उनकी मेधा मुबारक…
– Mamta Singh
किसी भी इंसान की लोकप्रियता की शुरुआत तेज़ चमक और शोर से होती है,

_ हर तरफ नाम और तारीफ.. लेकिन वक्त के साथ वही चमक धीमी पड़ जाती है,
_ भीड़ छंटने लगती है और अंत ऐसा होता है, जैसे कोई थका हुआ इंसान आख़िरी सांसें ले रहा हो.. खामोश, शांत, और लगभग भुला हुआ.!!

सुविचार 246

जीवन के किसी दुःख या ठोकर से इनसान सबक ले ले तो वह ठोकर, ठोकर नहीं. वह तो आप के लिए एक सीख बन जाती है.

मस्त विचार 275

अगर आप अपनी दृष्टि में स्वयं को ऊँचा देखना चाहते हो तो,

ऊँचाई की बात सोचना शुरू कर दीजिए.

मस्त विचार 274

फ़ितरत -ए- इंसान में जब मोहब्बत कम पड़ जाए……

फिर चाह के भी अपनों के लिए वक़्त नहीं मिलता………

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