Collection of Thought 052

Person who has hunger for knowledge and to learn something is always in a fresh state of mind. He has a wide perspective of thoughts and with it he finally makes great achievements.

जिस व्यक्ति में ज्ञान और कुछ सीखने की भूख होती है, वह हमेशा तरोताजा अवस्था में रहता है,_ _ उसके पास विचारों का व्यापक दृष्टिकोण है और इसके साथ ही वह अंततः महान उपलब्धियां हासिल करता है.

 

सुविचार – वे प्रश्न, जिन पर हम रोज़ जीते हैं, लेकिन रुककर बहुत कम सोचते हैं.. – 233

वे प्रश्न, जिन पर हम रोज़ जीते हैं, लेकिन रुककर बहुत कम सोचते हैं..

_ मुझे लगता है, यही वे प्रश्न हैं.. जिन्हें इंसान हर दिन जीता है, लेकिन उन पर रुककर बहुत कम सोचता है.
कुछ ऐसे प्रश्न हैं :-
अगर कोई व्यक्ति इस एक प्रश्न पर भी ईमानदारी से विचार कर ले, तो उसके जीवन के कई निर्णय बदल सकते हैं.
_ मैं जो कर रहा हूँ, क्या सचमुच वही करना चाहता हूँ, या बस सबको करते देखकर कर रहा हूँ ?
_ क्या मैं जीने की तैयारी कर रहा हूँ, या सचमुच जी भी रहा हूँ ?
_ क्या मैंने घर खरीदा है, या घर ने मेरा जीवन खरीद लिया है ?
_ मैं पैसा कमा रहा हूँ, या पैसा कमाने की प्रक्रिया ही मेरा जीवन बन गई है ?
_ मुझे वास्तव में कितना पर्याप्त चाहिए ?
_ क्या मैं अपनी खुशी खरीद रहा हूँ, या सिर्फ़ अपनी इच्छाएँ बढ़ा रहा हूँ ?
_ क्या मुझे सचमुच इतनी चीज़ों की ज़रूरत है, या मैंने सिर्फ़ उनकी आदत बना ली है ?
_ मैं लोगों से प्रेम करता हूँ, या उनसे अपेक्षाएँ रखता हूँ ?
_ क्या मैं लोगों को जैसा वे हैं वैसा स्वीकार करता हूँ, या उन्हें अपनी अपेक्षाओं के अनुसार बदलना चाहता हूँ ?
_ मैं दूसरों की नज़रों में अच्छा दिखना चाहता हूँ, या अपनी नज़रों में शांत रहना चाहता हूँ ?
_ अगर मुझे किसी को कुछ साबित नहीं करना हो, तो मैं अपनी ज़िंदगी में क्या बदल दूँगा ?
_ मैं निर्णय अपने डर से ले रहा हूँ या अपनी समझ से ?
_ क्या मैं खुश रहने के लिए जी रहा हूँ, या पहले सब कुछ ठीक हो जाने का इंतज़ार कर रहा हूँ ?
_ मैं जो बचा रहा हूँ, उसका उपयोग कब करूँगा ?
_ अगर मेरे पास समय ही नहीं बचा, तो मैं यह सब किसके लिए इकट्ठा कर रहा हूँ ?
_ मैं अपने बच्चों के लिए संपत्ति छोड़ना चाहता हूँ, या उन्हें ऐसा जीवन-दर्शन देना चाहता हूँ जिससे वे स्वयं खड़े हो सकें ?
_ क्या मैं अपने अतीत को समझकर जी रहा हूँ, या उसी को बार-बार दोहरा रहा हूँ ?
– “क्या मैं जिस समस्या को हल करने में पूरी ज़िंदगी लगा रहा हूँ, वह सचमुच मेरी समस्या है भी, या मैंने उसे बिना जाँचे समाज से उधार ले लिया है ?”
– शायद इनमें से किसी एक प्रश्न का ईमानदार उत्तर भी
हमारे जीवन के कई फैसलों को बदल सकता है.

सुविचार 232

उन सारे विचारों को मन में न आने दें, जो आपको निराशा की गहरी खाइयों में धकेल के ले जाएँ. उन विचारों को आने दें, कि जिससे आप उत्साहित होकर संसार में अपना कर्त्तव्य कर सकें.

 

सुविचार – ऐसा क्यों (Why) ? विचार कीजियेगा ???? – 231

ऐसा क्यों (Why) ? विचार कीजियेगा ????

जिसकी आँखों में नींद है …. उसके पास अच्छा बिस्तर नहीं …

जिसके पास अच्छा बिस्तर है …….उसकी आँखों में नींद नहीं ….

जिसके मन में दया है ….उसके पास खर्च करने के लिए धन नहीं ….

जिसके पास खर्च करने के लिए धन है ….उसके मन में दया नहीं ….

जिन्हे कद्र है रिश्तों की … उन से कोई रिश्ता नहीं रखना चाहता …

जिनसे रिश्ता रखना चाहते हैं ….उन्हें कद्र नहीं है रिश्तों की ….

जिसको भूख है ………उसके पास खाने के लिए भोजन नहीं….

जिसके पास खाने के लिए भोजन है ………उसको भूख नहीं…

कोई अपनों के लिए…. रोटी छोड़ देता है…

कोई रोटी के लिए….. अपनों को छोड़ देता है….

ये दुनिया भी कितनी निराली है, कभी वक्त मिले तो सोचना..

Quotes by वर्जिल

ऐसा वक्त जरूर आएगा जब आप मुश्किल वक्त को भी खुश होकर सुनाएंगे.
वही लोग सफल होते हैं जो जानते हैं कि वे सफल ही होंगे.
हर बार किस्मत से लड़ने की ज़रूरत नहीं। उसके पीछे चुपचाप चलते जाइए.
जो अच्छा काम आप आज करेंगे, इसका फल आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा.
डर लगने का मतलब है कि दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है.
जो कुछ भी हो, लेकिन बुरे वक्त को धैर्य और समझदारी से ही जीत सकते हैं.
सबसे अच्छा वक्त, सबसे जल्दी गुजर जाता है.
उसी व्यक्ति का यकीन करिए जो वैसी ही मुश्किल से गुज़र चुका हो.
error: Content is protected