सुविचार – लय – रिदम – Rhythm – 142

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एक बार कोई भी लय टूट जाए तो दोबारा लय में आना आसान नहीं होता.

Once any rhythm is broken, it is not easy to get back into rhythm.

जीवन जीने के लिए भी लय अर्थात रिदम बहुत ज़रूरी है,

_बिना किसी बाधा के अपनी तन्मयता बनाकर रखिए .!!

सुविचार – कर्म – काम – कार्य – 141

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आपका आज का परिणाम आपके अतीत के किये हुए कर्म हैं,

_ भविष्य बेहतर बनाना है तो आज के फैसलों को बदल दो.

लोग कर्मों पर विश्वास नहीं करते.

_ कईओं के साथ बहुत बुरा होते देख चुकी हूं, लेकिन उन्हें इस बात की समझ ही नहीं कि उनके किसी बुरे कर्म का फल मिला है.
_ समझ हो तो वे बुरा कर्म करने से बचें.
_ सबको अच्छे और बुरे, सही और गलत, पाप और पुण्य का ज्ञान होना चाहिए.
– Manika Mohini
सही कर्म वह नहीं है, जिसके परिणाम हमेशा सही हो !

_ सही कर्म वह है, जिसका उद्देश्य कभी गलत ना हो !!

किसी भी काम से खुशी मिलनी चाहिए, तनाव और चिंता नहीं.

_ शरीर का स्वास्थ्य सबसे पहले है ; इसके लिए काम और आराम का संतुलन चाहिए.. जो हर शख्स अपने लिए तय करे.!!
काम ऐसे करो क़ि लोग देखते रह जाएँ,

_ और अगर काम न करना हो तो ऐसे आराम करो क़ि लोग सोचते रह जाएँ.!!

रोनाधोना करने वाले तो कर्म हीन होते हैं,

_ जो स्वयं कुछ नहीं करना चाहते.. बस सारा दिन दूसरों में दोष ढूंढ़ते रहते हैं.!!

ख़ुद काम कर के कम कमाना,

_ किसी दूसरे से मदद मिलने की उम्मीद से तो बेहतर ही है.!!

कोई भी काम तुरंत शुरू न करें, पहले सोचें कि यह किस तरह होगा ?

_ कदम उठाने के पहले उसके सही- गलत की अच्छी तरह जांच करें.!!

कर्म करते वक्त हम बेपरवाह होते हैं, पर जब उसका कड़वा फल सामने आता है, तो सिवाय आंसुओं के कुछ नहीं बचता.!!
काम करो ऐसा कि पहचान बन जाए ; हर कदम चलो ऐसा कि निशान बन जाए.

_ यहाँ ज़िन्दगी तो सभी काट लेते हैं, ज़िन्दगी जियो ऐसी कि मिसाल बन जाए.!!

जीवन में सिर्फ़ अपने काम हो ही अपना किरदार मत बनाईए.
_ आपका जीवन और आपकी क़ीमत उससे कहीं ज़्यादा है.!!
जैसे बीज छोटा होता है और फल बड़ा,

_ वैसे ही हमारे छोटे-छोटे कर्म, बड़े परिणाम ला सकते हैं.!!

सही कर्म वह नहीं है, जिसके परिणाम हमेशा सही हों ;
_ सही कर्म वह है, जिसका उद्देश्य कभी गलत न हो.!!
“कर्म में पूरी तरह जुड़ो… पर भीतर से हल्के रहो..

– यही जीवन को अर्थ भी देता है और शांति भी”
जो काम पेट भरता है, घर चलाती है और दिमाग खोलती है..

_ उसमें लज्जा-शर्म रखना नुकसान ही देगा.!!

कर्म वर्तमान में निहित है और बिना ध्यान और एकाग्रता के किया गया कार्य पूर्ण और संतोषजनक परिणाम नहीं दे सकता.!!
दूसरों की पहचान से आप मशहूर तो हो सकते हैं, पर इज़्ज़त सिर्फ अपने काम से मिलती है.!!
जब आपके कर्म वापस आते हैं, तो आपकी सारी चालाकियाँ.. बेकार साबित हो जाती है.!!
यदि आप जरूरी काम करना छोड़ -हर फालतू और बेकार काम कर रहे हैं तो आप स्वयं दोषी हैं.!!
जब ज़िंदगी तक़लीफ़ देती है, तब अपने किये सारे कर्म याद आतें है…!
जब काम मिल रहा था, तब काम की कद्र नहीं की..
_ अब गया वक्त लौट कर नहीं आता.!!
करिए, कर डालिए! काम यदि सही है तो हिचक कैसी ?

_ जितना सामर्थ्य हो जितनी बुद्धि ज्ञान हो उतने से ही शुरू कर दें,
_ उसके बाद आगे रास्ता अपने आप बनना शुरू हो जाएगा.!!
अगर अच्छे कामों पर भी लोग शक करें तो फिक्र मत करो,
_ सोने की ही तो परख होती है, कोयले की परख कोई नहीं करता.!!
सही सोच के साथ जीवन में खुद को आगे बढ़ाए और औरों के लिए भी प्रेरणा बनने की कोशिश करें..

_ जीवन में जो भी आप दोगे, वही आपको भी मिलेगा.
_ कर्म लौट कर आता है.. सतर्क रहें सुरक्षित रहें.!!
कर्म ही भाग्य है, अपने कर्म ठीक रखें.

_ कर्म अच्छे होंगे तो बिगड़े काम भी बन जाएंगे.
_ अन्यथा सब किया हुआ नष्ट हो जाता है.
_ आप कितनी भी मेहनत कर लो,
_ आपकी नियत ठीक नहीं है तो.. सब मिला हुआ खो जाता है.!!
कोई किसी के कर्म का भागीदार नहीं होता..

_ सबकुछ अपने कर्मों से घटित होता है,
_संचित कर्मों से लेकर नये कर्म तक इंसान का साथ कभी नहीं छोड़ते..
_ वो हमें तबतक पकड़े रखते हैं, जबतक हम उनको भोग न लेते..!!

सुविचार – चेहरा – चेहरे – चहरे – चहरा – चेहरों – मुखौटा – मुखौटे – शक्ल – नकाब – 140

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मैं किसी का चेहरा पढ़ने की कोशिश नहीं करता, लेकिन ये सच है कि कुछ चेहरों पर अजीब सी चमक होती है, जैसे भीतर कोई दीपक जल रहा हो.

_ और कुछ चेहरे ऐसे होते हैं, जिन पर जैसे कोई अनकहा बोझ रखा हो.
_ फर्क बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन बहुत गहरा होता है.
_ एक ने जीवन जिया होता है, दूसरे ने कुछ भी करके पैसा कमाया होता है.!!
– Sanjay Sinha
चेहरा तो मिल जाएगा हमसे भी ख़ूबसूरत..

_ बात जब दिल की आएगी तो हार जाओगे..!!

हमारे यहाँ चेहरे की खूबसूरती तो देखते हैं..

_पर चेहरे के अंदर दिमाग नहीं देखा जाता.!!

अब तो मन को भी किसी से मिलकर खुशी नहीं मिलती,

_ लोगों के चेहरों पर इतने मुखौटे हैं कि किसी से बात करने में भी घबराहट होती है.
“जब बाहर के झूठे चेहरे समझ आने लगें तो समझो — मन अब सच्चाई को पहचानने लगा है”
स्वयं के लिए मैं कुछ और हूँ, घरवालों के सामने कुछ और, दोस्तों के बीच कुछ और.. – और दुनिया की नज़रों में बिल्कुल कुछ और..!

_ कभी-कभी सोच में पड़ जाता हूँ इन सब रूपों में से असली मैं कौन हूँ ?
_ मेरी वास्तविकता आख़िर किस चेहरे, किस ख़ामोशी,किस कोने में वास करती है.!!
कुछ लोग चेहरे पर.. अपने बने रहने का नकाब लगाकर मिलते हैं, और फिर धोखा देते हैं.!!
इस दौर में एक बात अच्छी हुई है, लोगों के चेहरे साफ दिखने लगे हैं..!!
चेहरे की रौनक छीनने वालों से कभी मुलाकात ना हो तो बेहतर है.!!
जिन लोगों का बड़ा मान-सम्मान करते थे, उन लोगों का भी दोहरा चेहरा सामने आया.!
“बनावटी मुस्कुराहटों का मुखौटा ओढ़े.. यहां सब नाख़ुश से हैं !”
शक्ल की कम खूबसूरती भी एक अनमोल नेमत है,

_ जो हमें अपने अंदर की असली खूबसूरती पहचानना सिखाती है.!!
चेहरे से इंसान पहचानने कि कला थी मुझ में,

_हैरानी तब हुई जब इंसान के पास बहुत चेहरे देखे..!!

अब इंसान को चेहरा देख कर नहीं पहचाना जा सकता,

_अब लोगों के चेहरों पर मुखौटे चढ़ गए हैं..!!

चेहरे पे चेहरे, लोगों ने पोत रखे इतने..

_ एक–दो जान भी लो, फिर भी आप अंजान ही रहोगे..!!

आप छोड़ दो कोशिशें इंसानों को पहचानने की..

_ यहां जरूरतों के हिसाब से सब नकाब बदलते हैं..!!

कमाल के कलाकार हैं वो जो हर जगह नया नकाब पहनते हैं ; पर अफ़सोस !!

_ आख़िर में उनका असली चेहरा भी पहचानने लायक नहीं बचता.!!

हम दूसरों की नज़रों में अच्छे दिखने के लिए जीते हैं, जबकि सवाल ये है, क्या हम खुद की नज़रों में सच्चे हैं या किसी मुखौटे के पीछे छिपे हुए हैं.!!
ये लफ्ज़ इस चहरे से मेल नहीं खाते…

_ इतनी गहरी लाइनें तो किसी झुर्रीदार चहरे की मिल्कियत होती हैं….अक्सर.!!

हर चेहरे की मुस्कान को सच मत समझो.. बहुत सी मुस्कानें चेहरे पर इसलिए चढ़ाई जाती हैं कि अपना दर्द छुपा रहे और दूसरों के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे.!!
दुनिया आपको विकल्प समझेगी, और निगल लेगी आपके चेहरे की रौनक,

आप अपनी खुशियों की जिम्मेदारी खुद लेना…
आप खुद की प्राथमिकता हो इस पर अड़े रहना.!!
जब दुनिया का असली चेहरा पास से दिख जाए.. तब सबसे दूर रहना भी एक तरह की बुद्धिमानी बन जाता है.!!
कुछ अँधेरे ही अच्छे हैं, कम्बख्त रोशनी में अपनों के असली चेहरे सामने आ जाएंगे..!!
चेहरों से पहचान होती है,_चेहरों से परख नहीं होती !!
रंग चेहरे के बोल पड़ेंगे, उनसे बस बात छेड़ना मेरी..!!
धोख़ा देती है शरीफ चेहरों की चमक अक्सर..

_ हर कांच का टुकड़ा हीरा नहीं होता..!!

जो हो वही रहो, नक़ाबों की दुनिया में असली चेहरों की क़ीमत ज़्यादा होती है.!!
यहाँ सिर्फ मुस्कुराते चेहरे दीखते हैं,

_ पर आँख का पानी का रंग मुस्कुराते चेहरे से मेल नहीं खाता, वो अपना अलग राग गाता है.!!

झूठ बोलना आता तो शायद कुछ चेहरे आज पास होते..

_ पर क्या करूं, दिल ने कभी सच्चाई से समझौता करना नहीं सीखा.!!

चेहरा सिर्फ मन की बात नहीं कहता,

_ बल्कि किसी के पूरे व्यक्तित्व को आप उसके चेहरे में पढ़ सकते हैं.
_ विद्वान व्यक्ति का नूर उसके चेहरे पर झलकता है.
_ मूर्ख व्यक्ति की मूर्खता भी उसके चेहरे पर नज़र आती है.
आदमी को सिर्फ वहम है, पास उसके ही इतना गम है.

_ पूछो हँसते हुए चेहरों से, आंख भीतर से कितनी नम है.!!
मुखौटे नहीं है यह .. हर किसी के मन में अपनी छवि अंकित होती है.. जो आहत होती रहती है बार बार.!!
किसी इंसान की सहनशीलता को इतना ना परखो कि वो चुप्पी छोड़कर आपके हर मुखौटे को गिरा दे.!!
अगर मुस्कराहट से चेहरे का आकर्षण बढ़ जाता है, तो वह चेहरा सुन्दर है,
_ अगर उससे कोई अन्तर नहीं पड़ता तो वह साधारण है और अगर मुस्कराहट उसे बिगाड़ देती है,
तो वह चेहरा बदसूरत है.
यदि आपको ज्यादातर लोगों के असली चेहरे और असली इरादे दिखने लगें, जो वो अपने चेहरे के पीछे छुपाते हैं,

_ तो हो सकता है कि आप बिल्कुल अकेले हो जाएं..!!

कभी-कभी हमारा अनुभव कठिन रहता है, लेकिन याद रखना हर कोई नकाब के पीछे नहीं छुपता..

_ वहाँ सच्चे, दयालु लोग हैं जो वास्तविक आपको देखेंगे और सराहना करेंगे.

_ सार्थक कनेक्शन की संभावना के लिए खुले रहें – कभी-कभी, यह सबसे अप्रत्याशित स्थानों पर होता है कि हम उन लोगों को पाते हैं जो वास्तव में परवाह करते हैं.

“अपना चेहरा दूसरों से छिपाना आसान है, लेकिन अपनी मूर्खता छिपाना नामुमकिन है.”

“It’s easy to hide your face from others, but it is impossible to hide your stupidity.”
उफ़ ! कितना लम्बा यह जीवन !

_ जैसे-जैसे हम जीवन जीते जाते हैं, वैसे-वैसे हमारा चेहरा बदलता जाता है.
_ सिर्फ उम्र की लकीरें नहीं, हमारे जीये हुए सुख-दुःख भी हमारे चेहरे पर लकीरें छोड़ जाते हैं.
_ जिसने जीवन में जितने ज्यादा दुःख भोगे होते हैं, या महसूस किए होते हैं, उसका चेहरा उतना ही ज्यादा बुढ़ाया हुआ लगता है.
_ चेहरा हमारे मन की किताब होता है, इसलिए इस पर ताज़गी बनाए रखने के लिए हमेशा खुश रहें.!!
– Manika Mohini
लोग कहते हैं कि… चेहरा क्या देखते हो, दिल में उतरकर देखो ना..!!

_ लेकिन मैं आपसे कह रहा हूँ … चेहरा ही देख लो मेरा,
_ क्योंकि दिल में उतरने भर की जगह भी नहीं है.
_ वैसे भी दिल मेरा खून से भरा है और उसमें उतर भी गए तो.. मेरा खून ही चूसोगे.!!
ये जो दुनिया में बड़े-बड़े महान अमीर लोग दिखते हैं और जिन्हें आप अपना आदर्श मान बैठते हो, यह आवश्यक नहीं कि वो वैसे ही हैं.. जैसे आपको नज़र आते हैं.

_ क्योंकि वास्तविक दुनिया.. दिखने वाली दुनिया से विपरीत होती है.
_ इन बड़े-बड़े महान नामी चेहरों के पीछे कितना घिनौना नीच इंसान छुपा हो सकता है, यह आप कल्पना भी नहीं कर सकते.!!
“दुनिया में जो लोग ऊँचाई पर नज़र आते हैं, ज़रूरी नहीं कि भीतर से भी उतने ही उजले हों.
_ दिखने वाली सफलता अक्सर एक मुखौटा होती है, और असली दुनिया – उसके ठीक उलट.
_ शायद इसी वजह से यहाँ भरोसा करने से डर लगता है”
_ और सच कहूँ तो… यह डर कमजोरी नहीं है, यह अंतरदृष्टि है.
_ जो लोग जल्दी आदर्श नहीं बनाते, वे अक्सर गहराई से देखना जानते हैं.!!
हाँ, यह बात थोड़ी कठोर लेकिन सच्ची है.

_ जैसे-जैसे उम्र और अनुभव बढ़ते हैं, बहुत से लोगों को दुनिया से थोड़ा-सा मोहभंग होने लगता है.
_ इसके कुछ कारण होते हैं :
1. हम लोगों को असल रूप में देखने लगते हैं.
_ युवा उम्र में हम मानते हैं कि लोग वैसे ही होंगे जैसे वे कहते हैं.
_ समय के साथ दिखता है कि कहना और होना अलग-अलग है.
2. अपेक्षाएँ धीरे-धीरे टूटती हैं.
_ हम सोचते हैं कि रिश्ते हमेशा सच्चे होंगे, लोग न्यायप्रिय होंगे.
_ जब ऐसा नहीं होता, तो भीतर एक थकान पैदा होती है.
3. समझ बढ़ती है, पर मासूमियत कम हो जाती है.
_ यह जीवन का स्वाभाविक चरण है –
_ समझ बढ़ती है, पर सरल विश्वास थोड़ा कम हो जाता है.
_ लेकिन यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण मोड़ भी होता है.
_ यही समय है जब इंसान दो रास्तों में से एक चुनता है:
_ या तो कड़वाहट में जीना, या शांत समझ के साथ जीना..
_ जो दूसरा रास्ता चुन लेते हैं, वे धीरे-धीरे समझ जाते हैं:
“दुनिया पर भरोसा कम भी हो जाए, तो भी जीवन पर भरोसा रखा जा सकता है”
“समझ बढ़ने का दुख यह है कि भ्रम टूट जाते हैं, पर सौभाग्य यह है कि सच दिखाई देने लगता है”
और एक अंदर देखने वाला प्रश्न:
“क्या मैं दुनिया से निराश हो रहा हूँ,
या मैं दुनिया को पहली बार सही रूप में देख रहा हूँ ?”
**“जो कहा जाए उसे तुरंत मत मानो.

_ जो दिखे उसे अंतिम सत्य मत समझो.
_ प्रश्न करो, परखो, फिर अपने विवेक से स्वीकार करो.
_ क्योंकि यह समय धुंध का समय है- जहाँ रोशनी भी कई बार भ्रम पैदा करती है.
_ ऐसे समय में सवाल करना ही मनुष्य को जाग्रत और सही राह पर रखता है”**
– “धुंध भरे समय में सवाल करना ही इंसान की सबसे सच्ची रोशनी है”
“प्रश्न करना मन को जाग्रत रखता है, पर विश्वास ही जीवन को गरमाहट देता है”
– “जो हर बात पर प्रश्न करना सीख गया, उसके लिए सच का रास्ता धीरे-धीरे साफ़ हो जाता है”
– हर बात को आँख बंद करके मत मानो, लेकिन हर बात को शक से भी मत देखो ;
समझो, परखो, फिर अपने विवेक से स्वीकार करो.
आदमी जो बोलता है उस पर शक करो,

_ जो भी करता है उसे शक की निगाह से देखो,
_ जो समझता है उस पर सवाल करो,
_ जो उत्तर देता है उन उत्तरों पर उल्टे प्रश्न करो,
_ कुल मिलाकर बात यह है कि यह सब करने से हमारे विश्वास, भरोसे और हमारी धारणाएं पुख्ता होंगी और हमें रास्ते बहुत साफ नजर आएंगे.
_ क्योंकि यह समय ऐसा समय है जब हम धुंधलकों में है, अंधियारे हमें दिग्भ्रमित कर रहें हैं,
_ हमें ऐसे संदर्भों से मुब्तिला कर रहें है कि हम बहुत दयनीय स्थिति में है और जाहिर है सारी विपरीत परिस्थितियों के बाद भी हमारा ठीक रहना और खुश रहना बहुत जरूरी है.
– Sandip Naik

सुविचार – हमें कब किसी को मैसेज और कॉल करना बंद कर देना चाहिए – 139

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आज मैं आपको बताऊँगी कि हमें कब किसी को मैसेज और कॉल करना बंद कर देना चाहिए 2 मिनट निकालकर इसे जरूर पढ़ें :—

1 — जब आप को अंदर से यह अहसास होने लगे की मात्र उसका अटेंशन और प्यार पाने के लिए आपको अपनी Self Respect खोनी पड़ रही है तब आपको उसे कॉल और मैसेज करना बंद कर देना चाहिए।
2 — जब वे आपकी‌ कॉल और मैसेज का रिप्लाई देने में लंबे अंतराल या कई दिनों के बाद देने लगे जबकि दूसरी तरफ वह दूसरों के लिए वह आसानी से उपलब्ध है तब आपको उसे कॉल और मैसेजेस करना बंद कर देना चाहिए।
3 — जब वे बातचीत जल्दी खत्म करने के बहाने बनाने लगे, लेकिन जब आप ऐसा नहीं करने देते तो वे पुरानी बातों से कोई न कोई इलज़ाम थोपने लगे तब आपको उस से कॉल और मैसेज करना बंद कर देना चाहिए।
4 — जब वे आपसे बात ना करने के नए नए बहाने खोजने लगें, उनकी जिंदगी में क्या चल रहा है जब यह बताने में कतराने लगे, तब उसे कॉल और मैसेजेस करना बंद कर देना चाहिए।
5 — जब वे हमेशा आपका अपमान करने लगें, आपकी इस शिकायत पर की समय क्यों नहीं दे रहे हैं आपको बहानों कि एक लंबी सूची देने लगे, तब आपको उसे कॉल और मैसेजेस करना बंद कर देना चाहिए।
यह कुछ मेरे खुद के तजुर्बे से मैंने आपको यह बातें बताई हैं।
मैं आशा करती हूं कि आपको यह मेरी पोस्ट पसंद आई होगी।
मेरी पोस्ट पढ़ने के लिए आपका तहे दिल से धन्यवाद।🙏🏻💐
– Neha Chandra

Collection of Thought 039

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A man’s energies are limited. If he goes on drifting from one aim to another, he is likely to achieve nothing. A rolling stone gathers no moss.

मनुष्य की शक्ति सीमित है, _ यदि वह एक लक्ष्य से दूसरे लक्ष्य की ओर भटकता रहता है, तो उसे कुछ भी हासिल नहीं होने की संभावना है,_ अस्थिरता से कुछ भी प्राप्त नहीं किया जा सकता है.

 

 

 

Collection of Thought 038

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The person who makes a success of living is the one who see his goal steadily and aims for it unswervingly. That is dedication.

वह व्यक्ति जो जीवन में सफल होता है, वह वह है जो अपने लक्ष्य को स्थिर रूप से देखता है और उसके लिए अडिगता से लक्ष्य रखता है, _ वही समर्पण है.

We are all born ignorant, but one must work hard to remain stupid.

Be happy while you’re living, for you’re a long time dead.

If you tell the truth, you don’t have to remember anything.

Learn from yesterday, live for today, hope for tomorrow. The important thing is not to stop questioning.

Say and do something positive that will help the situation; it doesn’t take any brains to complain.

For every minute you are angry you lose sixty seconds of happiness.

Stop worrying— nobody gets out of this world alive.

The saddest thing I can imagine is to get used to luxury.

You are never too old to set another goal or to dream a new dream.

Ever tried. Ever failed. No matter. Try again. Fail again. Fail better.

Comparison is the thief of joy.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Collection of Thought 037

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If you want a successful and satisfying career, do not let your decision be influenced by friends and relatives. You can always seek their advice but opt for a field where your true aptitude lies.

यदि आप एक सफल और संतोषजनक करियर चाहते हैं, तो अपने निर्णय को मित्रों और रिश्तेदारों से प्रभावित न होने दें_ _ आप हमेशा उनकी सलाह ले सकते हैं लेकिन एक ऐसे क्षेत्र का चुनाव करें जहां आपकी असली योग्यता निहित हो.

If you see the teeth of the lion, do not think that the lion is smiling at you.
Be kind whenever possible. It is always possible.
Have the courage to do things; most of the time you will be successful.
To believe in something, and not to live it, is dishonest.
There will always be a frontier where there is an open mind and a willing hand.
Keep your mind open to new ideas , tools and techniques.
I believe in kindness. Also in mischief.
We are shaped by our thoughts; we become what we think. When the mind is pure, joy follows like a shadow that never leaves.
Art is the only way to run away without leaving home.
No amount of belief makes something a fact.
Work without interruption on one single thing at a time.
Never be bullied into silence. Never allow yourself to be made a victim. Accept no one’s definition of your life; define yourself.
Help other people; that too will almost always come back to you.
Enjoy luxuries in small doses; too much of any one thing reduces the pleasure you take from it.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Collection of Thought 036

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No one else can hurt you. It is you who is hurting yourself and the weapons are you own thoughts.

कोई दूसरा आपको चोट नहीं पहुंचा सकता, _ यह आप ही हैं जो खुद को चोट पहुँचा रहे हैं और हथियार आपके अपने विचार हैं.

 

 

 

 

Collection of Thought 035

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A broken pot can be identified by the sound it produces. In the same way, a person can be benchmarked by his words.

टूटे हुए बर्तन को उसके द्वारा उत्पन्न ध्वनि से पहचाना जा सकता है,_ उसी तरह किसी व्यक्ति को उसके शब्दों से पहचाना जा सकता है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Collection of Thought 034

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In the course of creating history one should make his own way and move towards a bright future.

इतिहास रचने के क्रम में व्यक्ति को अपना रास्ता खुद बनाना चाहिए और उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ना चाहिए.

 

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