सुविचार – नुकसान – 219
सुविचार 218
लेकिन सच तो यह है कि आपके द्वारा सोची गयी हर बात, वह चाहे अच्छी हो या बुरी, ब्रह्माण्ड में जाती है और उस व्यक्ति से टकरा कर आपके पास उसी रूप में वापस आती है.
मस्त विचार 086
“आसमां में मत दूंढ अपने सपनो को…
सपनो के लिए तो ज़मी जरूरी है,…
सब कुछ मिल जाए तो जीने का क्या मज़ा,…
जीने के लिये एक कमी भी जरूरी है”..
मस्त विचार 085
पर बे- वजह खुश रहने का मज़ा ही कुछ और है .
मस्त विचार 084
जीवन में खुशियों कि कोई कमी नहीं होती, बस जीने का अंदाज़ होना चाहिए.
मस्त विचार 083
खुद भी रो पड़ते हैं यहाँ , औरों को रुलाने वाले .
मस्त विचार 082
मुश्किल हम खुद खरीदतें हैं .
और कुछ मिल जाये तो अच्छा होता,
बहोत पा लेने पर भी यही सोचतें हैं .
मस्त विचार 081
यूँ ही कोई इतना अजीज़ नही होता.
मस्त विचार 080
लेकिन जो जीवन जीने की कला सीखा दे ,
वही सच में अपना है .
वक्त के हाथ से लम्हे नहीं छूटा करते.
लोग कहते हैं कि मेरा सपना टूट गया.
टूटती नींद है सपने नहीं टूटा करते।।
तो, अनाड़ी के लिए हीरा भी व्यर्थ रह जाता है,”
फर्क सिर्फ इतना है,
कहीं तू चुप है बेहिसाब कहीं नाच रहा है बेहिसाब.
ऐसा कभी नहीं होगा की आप से सब खुश हों.





