सुविचार – जीवन क्या है ? – 217
_ जिससे हम वास्तव में जीवन को कभी जी ही नहीं पाते है.!!
_ दूसरे की गलतियों के बावजूद प्यार करना ही सही मायने में प्यार है.!!
– वही सच में जीवन को जन्म देता है.!!
_ दूसरे की गलतियों के बावजूद प्यार करना ही सही मायने में प्यार है.!!
ऐसा व्यक्ति सराहा जाता, जहाँ जाय वहाँ इज्जत पाता.
अवसर देख मुक़र जाता जो, गिरगिट जैसा रंग बदलता.
कुछ कहता है कुछ है करता, उससे दूर भागते हैं सब.
गम के आंसू न बहते तो और क्या करते.
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम खुद को न जलाते तो और क्या करते.
रोज़ कोई ना कोई नाराज हो जाता है !!
पर दुःख अच्छा भी होता है,
जब आता है, कुछ- ना- कुछ सीखा जाता है .
बेवजह हर समय ना शिकायत कीजिये .
दुश्मनी का सफ़र तय ना हो पायेगा,
प्रेम से मन का आँगन सजा लीजिये .