मस्त विचार 4184
नहीं जानता, # ज़िंदगी # अच्छी जी या बुरी जी,
लेकिन इतना जानता हूं कि जिंदगी जी, और खूब जी,”
लेकिन इतना जानता हूं कि जिंदगी जी, और खूब जी,”
यदि आप दूसरों के नकारात्मक व्यवहार से जुड़ते हैं तो यह आपको उनके स्तर तक नीचे ले आता है.
तोहफे में उसे अपनी ख़ामोशी दे दो..
_ तब बेवजह शोर मचाने वाली लहरों पर ध्यान नहीं दिया करते…
तुमने मेरे लिए किया ही क्या है..
_ हर साँस, हर कदम, हर कार्य को सुधारना होगा.
_ और इसे पूरी तरह से जीकर इसका सम्मान करें.!!