सुविचार 4395

निर्णय लेते समय ना ज़्यादा खुश हों, ना ज़्यादा दुखी हों,

_ दोनों परिस्थितियां आपको सही निर्णय लेने नहीं देती.

हर कोई निर्णय लेने वाला बन रहा है..

_ लेकिन अपने जीवन में, वे सही निर्णय लेना भूल गए हैं.!!

हमारे निर्णयों पर अक्सर हमारी कमियाँ हावी हो जाती हैं, और जब हम असफल होकर तन्हा खड़े होते हैं, तो अंतर्मन में उतरकर खुद से सवाल करने के बजाय हम इल्ज़ामों की तलाश में भटकते रहते हैं.. ये सब मैं समझता हूँ, जानता भी हूँ फिर भी अजीब है कि इतना ज्ञान खुद के लिए कभी उतना मददगार नहीं बन पाता, जितना दूसरों को समझाने में बन जाता है.!!

सुविचार 4394

हमको कितने लोग पहचानते हैं उसका महत्व नहीं है,

_ मगर क्यों पहचानते हैं इसका महत्व है.

हम ऐसे लोगों के बीच रह रहे हैं, जो दूसरों की पहचान पर हंसते हैं.

_ क्योंकि वे अपनी पहचान से डरते हैं.!

पहचान से मिला काम थोड़ी देर चमकता है, लेकिन जब पहचान काम से बनती है
तो वो हमेशा साथ चलती है.!!

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सुविचार 4393

उन व्यक्तियों के जीवन में आनंद और शांति कई गुणा बढ़ जाती है,

जिन्होंने प्रशंसा और निंदा में एक जैसा रहना सीख लिया हो !!

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