सुविचार 4484
_ तम से लड़ने के लिए खुद आज जलना है हमें.!!
_ तम से लड़ने के लिए खुद आज जलना है हमें.!!
तैयार हुआ तो मौसम बदल चुका था..
पर जब लेना शुरू करती है, तो प्याज़ के छिलके की तरह उतार लेती है..
हमारा आंकलन हमें खुद करना चाहिये..
क्यूँकि वो फ़रिश्ते ही होते हैं जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला पाते हैं.
और कही और इसे ढूंढना संभव नही है.
अपने आँसुओं को अपने भविष्य की खुशियों के बीजों को सींचने दें.
“यदि लोग आपको एक नई रोशनी में देखने से इनकार करते हैं और वे आपको केवल उसी रूप में देखते हैं जैसे आप थे, आपको केवल उन गलतियों के रूप में देखते हैं जो आपने की हैं, अगर उन्हें यह एहसास नहीं होता कि आप अपनी गलतियों के कारण नहीं हैं, तो उन्हें जाना होगा.”
“जब आप उन चीज़ों पर नियंत्रण करने का निर्णय लेते हैं जिन पर आपका नियंत्रण है, बजाय उन चीज़ों पर नियंत्रण पाने की लालसा करने के जिन पर आपका नियंत्रण नहीं है, तो आपके जीवन में अविश्वसनीय परिवर्तन होता है.”
“कभी-कभी जीवन आपको धक्का देता है… उठो, उठो, उठो !!! खुशी समस्याओं की अनुपस्थिति नहीं है, यह उनसे निपटने की क्षमता है.
“यदि आप मुर्गियों के साथ घूमते हैं, तो आप चहचहाएंगे और यदि आप चील के साथ घूमते हैं, तो आप उड़ेंगे.”
अपने को ही, यूं अपने में, रोज़ निखारा करता हूं.