मस्त विचार 4355
अपने को ही, यूं अपने में, रोज़ निखारा करता हूं.
अपने को ही, यूं अपने में, रोज़ निखारा करता हूं.
मत रोओ कि बीता हुआ कल गया, तनाव मत करो कि भविष्य नहीं आया है, वर्तमान में जियो और कमाल करो..!!
पंखों को खोल क्योंकि …ज़माना सिर्फ़ उड़ान देखता है..
_ क्योंकि हर कोई आपके जबाव के लायक नहीं होता है.!!
_ इसलिए जीवन के हर छण का उपयोग किया जाना जरुरी है.
बल्कि इस सोच के साथ जगो कि आज क्या कर सकते हो.
_ किसी की भी उम्र इतनी लंबी नहीं होती कि वह हर गलती स्वयं करके स्वयं सीखे.
_ और एक समय जो निर्णय कड़ा लग रहा होता है.. वही सहज हो जाता है..!
ये ज़ख़्म देते भी हैं और उन्हें भर भी देते हैं.
यहाँ सब गैर हैं, तो हँस के गुजर जायेगी.