सुविचार 4126
_ जो स्वयं ख़ुद को उपदेश देना जानता हो,,
_ जो स्वयं ख़ुद को उपदेश देना जानता हो,,
_ कोई तन्हाई से तो कोई, महफ़िल से परेशान है..!!
_ हर जीवन में ज्ञान, कौशल और मनोभावों का विकास होता जाता है.
_ और फिर पूरी उम्र गांठ बांधने में ही निकल जाती है..
_ ज़िन्दगी सुलझाने में ही बीत जाती है !!
_ तलाश उनकी करो जो हर पल साथ दें !!
_वो तो बस किसी सबक के तौर पर हमारी ज़िंदगी में आते हैं.
_ जीवन के रास्ते में अगर सबक सीखना है तो ..छोटी छोटी बातों से सीखना चाहिए.
_ तो लोगो ने काबिलियत पर शक करना शुरू कर दिया.
_ दूसरों को नीचा दिखाने में नहीं, खुद को ऊँचा उठाने में समय लगाइये.
_ मील के पत्थर, जब हमसफ़र बन जाते हैं..
(मंज़िल चाहे जैसी भी हो.)
_तो वे आपके सही समय को गलत में बदल देगी.
_ तब तक आप अपना जीवन नहीं बदल सकते.!!
_विकल्प से छूटी आदतें पीछा करती हैं.
_ दंश से छूटी आदत यादों के सीने में खंजर चुभोती हैं, लेकिन जिसे हम सहजता से छोड़ देते हैं, वो मन में गौरव पैदा करती है.
_आदमी कुछ भी छोड़ सकता है. “कुछ भी”
_बस चाहना होता है..!!
_ विकल्प देती है बुरे या बहुत बुरे में.. और कभी कभी हम ख़ुद बहुत बुरा होना चुनते हैं.!!