सुविचार 4181

दूसरों को देखकर उनके रास्ते पर मत चलो,

_ खुद ऐसे रास्ते चुनो कि लोग आपके पीछे चले.

सुविचार 4180

जो मिला है उसके प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए..

_ तभी हम उसका आनन्द मना पायेंगे.

मस्त विचार 4055

मुझे इसका गम नहीं कि उसने कितनी बेवफाई की,

_ गम इस बात का है कि मैंने उसे बेहिसाब सफाई दी.

सुविचार 4179

ज़िंदगी से बडा़ कोई मज़हब नहीं होता,

_ और अपने जिस्म से सगा कोई दूजा नहीं होता,
_ तो सबसे पहले ज़िंदगी की परवाह होनी चाहिये,”
“ज़िंदगी” दौड़ रही है तेज़, जाने कब थम जाएगी,,

_ शेष है जितनी “जी लीजिए” ये वापिस फ़िर न आएगी !!

सुविचार 4178

आपके पास जो उच्चतम चीज़ें हैं, उनका कुछ अंश दूसरों को देना शुरू करें..

_ ताकि आपके जीवन में उच्चतम चीज़ों का बहाव चलता रहे..

मस्त विचार 4053

मैं हमेशा खुश रहता हूं क्योंकि मैं किसी से कोई उम्मीद नही रखता,

_ उम्मीदें हमेशा दर्द देती है..

सुविचार 4177

आतंरिक स्पष्टता और स्थिरता पाने के लिए अपने विचारों का नियमन करें.
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