सुविचार 4723

जीत हटने से नहीं, डटने से मिलती है.
जीत की चमक सबके सामने होती है,
_ पर उसके पीछे का अंधेरा और संघर्ष सिर्फ़ ‘विजेता’ जानता है.!!

सुविचार 4722

कोई कितना भी बोले अपने आप को शांत रखो,

_ क्योंकि धूप कितनी भी तेज हो, समुद्र को सुखा नहीं सकती.

समुद्र के सिरहाने खड़े होकर लगा कि हमें अपनी सीमाएं ख़ुद निर्धारित करनी चाहिए.

_ हर द्वार खटखटाने की आवश्यकता नहीं होती, हर बात स्वीकारने योग्य नहीं होती, और हर लड़ाई लड़ने लायक नहीं होती.
_ ऊँची आवाज़ से अधिक मूल्य शांति का होता है.
_ कठोर समय में मौन और धैर्य सबसे प्रभावी साधन साबित होते हैं— यह बात किताबों से नहीं, अनुभव से सीखी जाती है.
_ समय का प्रवाह अपनी गति से गांठें खोल देता है, मनुष्य का शोर नहीं.
_ इन्हीं दिनों कई गहरे और अच्छे लोग भी मिले, व्यवहार में विनम्र, उनके साथ समझ आया कि अच्छाई हमेशा बड़ी घोषणाओं से नहीं, बल्कि छोटे- छोटे, शांत कर्मों में होती है.
_ एक व्यक्ति से मिला जिनके लिए हुई एक छोटी सी कोशिश ने उनका जीवन बदल दिया.
_ इसी बीच कुछ लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने सिखाया कि कैसा नहीं होना चाहिए और कौन-सी दिशा मनुष्य को खोखला बना देती है.
_ यह आवश्यक सीख है—क्योंकि अनुभव केवल प्रेरणा से नहीं, निषेध से भी निर्मित होता है.
_ ख़ैर ! जीवन में बहुतेरी तरंगें आती-जाती रहती हैं, पर मनुष्य को समय-समय पर समुद्र की तरह अपने अस्तित्व में स्थिरता का अभ्यास करना चाहिए.!!
– Anjum Sharma

सुविचार 4720

माफ़ करना सीख लो, खुद से भी आज़ाद हो जाओगे और उस दर्द देने वाले से भी…!!

Collection of Thought 1102

Once you forget what you’re worth, you forget what you deserve.

एक बार जब आप भूल जाते हैं कि आप किस लायक हैं, तो आप वह भूल जाते हैं जिसके आप हकदार हैं.

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